दुनिया का सबसे रहस्यमयी समुद्र

धरती की सतह का करीब 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका है। इसके कारण धरती को नीला ग्रह भी कहा जाता है। इसका अधिकतर हिस्सा करीब 97 प्रतिशत महासागरों में खारे पानी के रूप में मौजूद है। सिर्फ तीन फीसदी पानी मीठा है और उसमें से भी ज्यादातर ग्लेशियरों में जमा है। बहुत कम पानी का मात्रा नदियों, झीलों और भूजल में पीने योग्य है। आज हम आपको धरती पर सबसे ज्यादा नमकीन माने जाने वाले समुद्र के बारे में बताएंगे।

दुनिया का सबसे खारा समुद्र
दुनिया का सबसे खारा यानी सबसे नमकीन समुद्र मृत सागर को माना जाता है। इसमें 34 फीसदी नमक सांद्रता ज्यादा होने की वजह से ही इसे यह नाम दिया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, यह सामान्य समुद्री जल से करीब दस गुना ज्यादा नमकीन है। मृत सागर की कोई निकासी नहीं है, जिसके कारण बहता पानी कभी बाहर नहीं निकलता है। इससे हजारों वर्षों से खनिजों का निक्षेपण हो रहा है।

कहां है सबसे खारा समुद्र?
दुनिया का सबसे नमकीन समुद्र मृत सागर पूर्व में जॉर्डन और पश्चिम में इस्त्राइल तथा फिलिस्तीन के बीच स्थित है। यह समुद्र तल से करीब 430 मीटर नीचे है। लाखों साल पहले टेक्टॉनिक परिवर्तनों से इस सागर का निर्माण हुआ है और इसका लंबा इतिहास है। कई प्राचीन ग्रंथों और सभ्यताओं में इसका इतिहास दर्ज है।

उच्च तापमान वाले मरुस्थलीय क्षेत्र में मृत साग स्थित है, जिसकी वजह से पूरे साल भारी वाष्पीकरण होता है। पानी वाष्पित होने से सोडियम क्लोराइड, मैग्नीशियम, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे खनिज पानी में ही रह जाते हैं।

क्या जीवों की हो सकती है मौत?
मृत सागर की लवणता धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। सिर्फ एक जॉर्डन नदी ऐसी है, जिसका एक निश्चित मात्रा में ताजा पानी इसमें मिलता है। इसके कारण समय के साथ नमक जमा होता जाता है। मृत सागर की नमकीन पानी ज्यादातर समुद्री जीवों के लिए रहने लायक नहीं है।

मछली, पौधे और शैवाल ऐसी कठोर परिस्थितियों में जिंदा नहीं रह सकते। इस समुद्र की लवणता कोशिकाओं की नमी को सोख लेती है। मृत सागर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इसमें कोई भी डूब नहीं सकता। इसके पानी में नमक की मात्रा इतनी अधिक है कि अगर आप इसमें लेट भी जाएं तो डूबेंगे नहीं।