Temple Thieve इंसान को अपने अच्छे-बुरे वक्त में हमेशा भगवान याद आते हैं। मंदिर में जाकर भगवान के सामने मत्था टेकने के लिए रोज सैकड़ों लोग पहुंचते हैं, मन्नत मांगते हैं, पूजा पाठ करते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जिनकी बुरी नीयत मंदिर को भी नहीं छोड़ती और ऐसे लोग भगवान के दरबार को ही चोरी का ठिकाना बना लेते हैं।

Temple Thieve मंदिर में भीड़ लगी थी, दर्जनों भक्त भगवान के सामने थे और उन्हीं भक्तों में से एक था वो जिसके दिमाग में चल रही थी एक साजिश। साजिश भगवान को लूटने की, साजिश भगवान के दर पर आकर भगवान को ही धोखा देने की। जरा सोचिए ऐसा भी हो सकता है। भगवान के मंदिर में लोग शांति के लिए जाते हैं, मन्नत मांगने जाते हैं, अपने बुरे कर्मों की माफी के लिए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो भगवान के मंदिर को ही बना देते हैं अपनी गंदी नीयत का अड्डा।
Temple Thieve भगवान को ठगने वाले चोर

Temple Thieve सफेद धोती में लिपटे इस शख्स को देखकर कोई भी ये अंदाजा नहीं लगा सकता कि ये मंदिर में चोरी के लिए गया होगा। 53 साल के इस शख्स का नाम है भरत दोशी। ये मुंबई में मंदिरों में चोरी का काम करता है। जी हां यकीन करना मुश्किल हो रहा है न। ये शख्स पिछले कई समय से अलग-अलग मंदिरों में घूमकर पहले रेकी करता है। चेहरे पर भक्ति भाव का नाटक और बदन पर भक्ति का चोला पहनकर ये मंदिर-मंदिर जाता है और भक्तों के साथ खड़ा हो जाता है, लेकिन ये भगवान को स्मरण करने की जगह ये देखता है कि किस मंदिर में कितना सोना-चांदी है।

Temple Thieve कई दिनों से पुलिस को इस शख्स की तलाश थी। मुंबई के मलाड में रहने वाले इस शख्स ने दिंडोशी के जैन मंदिर से भी अभी भगवान की सोने की तस्तरी और एक रॉड चुरा ली। हर बार की तरह भरत दोशी इस बार भी चोरी करके मंदिर से फरार हो गया, लेकिन इस बार सीसीटीवी में उसकी तस्वीर कैद हो गई। हर बार चोरी करने के बाद ऐसा रास्ता चुनता था जहां सीसीटीवी न लगे हों। ये चोरी करके स्कूटर से फरार हो जाता था, लेकिन इस बार इस चोर का पाप का घड़ा भर ही गया। पुलिस ने मंदिर और उसके आसपास के 100 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो इसकी सफेद चोला पहने इसकी काली करतूतें सामने आईं। पुलिस ने बताया कि भरत दोशी मंदिर के सामान को बेचकर जो पैसा कमाता था उससे जुआ खेलता था। इस बार भी पुलिस को इसके पास से करीब पांच लाख रुपये बरामद हुए हैं। भरत दोशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उससे और चोरियों को लेकर पूछताछ कर रही है। जयपुर में भी अभी कुछ दिन पहले ऐसे ही मंदिर में चोरी का मामला सामने आया था। जयपुर के शिप्रा पथ इलाके में मौजूद जैन मंदिर से भगवान की अस्टधातु की प्रतिमा चुरा ली गई। चोर मंदिर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और वहां मूर्ति समेत दूसरी सारी कीमती चीजों को उठाकर ले गए। सीसीटीवी में चोरों की सारी एक्टिविटी कैद हुई।

Temple Thieve दिसंबर महीने में मध्य प्रदेश के दमोह में भी जैन मंदिर से चोरों ने चांदी के तीन छत्र और भगवान की चार प्रतिमाएं चोरी कर ली। अगले दिन सुबह जब पुजारी ने दरवाजा खोला तो मंदिर का हाल देखकर हैरान रह गए। मंदिर से सारा कीमती सामान गायब हो चुका था।
ग्वालियर में नवंबर के महीने में एक मंदिर से अष्टधातु की भगवान की प्रतिमा चोरी करने से हड़कंप मच गया था। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो राजस्थान और मध्यप्रदेश के तीनों चोरों का एक गैंग पकड़ा गया जिनका काम मंदिरों में चोरी करना था। ये तीनों पहले जेल में रह चुके थे और वहीं बैठकर इन्होंने मंदिरों में चोरी करने का प्लान तैयार किया था। मंदिरों में चोरी करने वाले ये शातिर चोर सिर्फ कानून के अपराधी ही नहीं बल्कि समाज के भी दोषी हैं। मंदिरों से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी होती है और वहां भगवान की मूर्ति को ही चुरा लेना सीधा-सीधा उनकी आस्था पर चोट पहुंचाने जैसा है।
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