Anokha Shamshan Ghat ऐसा श्मशान घाट शायद ही आपने कभी देखा हो. इसमें अंतिम संस्कार तो किया ही जाता है, साथ ही पिकनिक मनाने से लेकर प्री-वेडिंग शूट तक के लिए ये लोगों की पसंद बन रहा है. जानिए इसके बारे में सबकुछ और देखिए …. श्मशान का नाम सुनते ही लोगों के होश उड़ जाते हैं. श्मशान में जाना किसी को भी पसंद नहीं है. लेकिन गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में बना श्मशान स्वर्ग को भी भुला देता है. डिसा में बनास नदी के तट पर 14 बीघे में 5 से 7 करोड़ रुपये की लागत से श्मशान बनाया गया है.
Anokha Shamshan Ghat गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा में बना श्मशान

- Anokha Shamshan Ghat लोग यहां अंतिम संस्कार के लिए तो आते ही हैं, साथ ही साथ बर्थडे सेलिब्रेशन और शादी के प्री-वेडिंग शूट के लिए भी आ रहे हैं.श्मशान में प्रार्थना कक्ष, वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुस्तकालय कक्ष, विशाल उद्यान, बच्चों के लिए खेल सुविधाएं, स्मारक परिसर, स्नानागार, शौचालय सहित सुविधाएं हैं. साथ ही गांव की संस्कृति के साथ पेटिंग, एक पुराना कुआं, जहां पुराने कुएं में संकुल के साथ-साथ बारिश के पानी को स्टोर किया जाता है.

- Anokha Shamshan Ghat गुजरात के बारडोली में एक श्मशान घाट बनाया गया है। इसकी थीम है एयरपोर्ट। इस श्मशान घाट को एयरपोर्ट की तरह डिजाइन किया गया है और जिसका नाम अंतिम उड़ान मोक्ष यात्रा रखा गया है। इस श्मशान घाट में हवाई जहाज के दो विशाल रेप्लिका रखे गए हैं। इनके नाम मोक्ष एयरलाइन्स और स्वर्ग एयरलाइन्स हैं। इस श्मशान घाट में अनोखा ये है कि जब भी कोई शव अंतिम संस्कार के लिए यहां पहुंचता है तो एयरपोर्ट की तरह अनाउंसमेंट होती है। अनाउंसमेंट कर बताया जाता है कि किस गेट से प्रवेश करना है। इस घाट पर मृतक के परिजनों को सांत्वना देने और ढांढस बंधाने के लिए इंतजाम किए गए हैं।

- Anokha Shamshan Ghat इस श्मशान के अधिकारी बताते हैं कि मिन्ढोला नदी के किनारे स्थित यह श्मशान मोक्ष एयरपोर्ट में तब्दील हो गया है। बारडोली के लोग इसे श्मशान नहीं बल्कि मोक्ष एयरपोर्ट के रूप में देखते हैं । श्मशान शब्द काफी कटु है, यही वजह है कि इसे अंतिम उड़ान मोक्ष एयरपोर्ट नाम दिया गया है। इस श्मशान में 5 चितास्थल हैं। इनमें से 3 में इलेक्ट्रिक मशीनों से दाह संस्कार किया जाता है। जैसे ही शव को जलाया जाता है, हवाई जहाज की तरह की तरह आवाज आती है। इस श्मशान में शवों के अंतिम संस्कार के लिए 40 गावों के लोग आते हैं। पिछले एक वर्ष से इस श्मशान को मोक्ष एयरपोर्ट में बदलने की कोशिश की जा रही थी।
उत्तराखंड के प्रसिद्ध मंदिर तीर्थ https://shininguttarakhandnews.com/temples-of-uttarakhand/

