gateway to hell : बैकुंठ उत्तराखंड में तो रूस में है नर्क का द्वार !

Gateway to hell अगर देवभूमि उत्तराखंड में कथा के अनुसार स्वर्ग का रास्ता यानी बैकुंठ मार्ग है तो क्या धरती पर ही नर्क का द्वार है. यदि ऐसा है तो क्या ये धरती के माथे पर दाग है. क्योंकि because आज हम बात करेंगे कि नर्क के उसी द्वार की रूस के पूर्वी इलाके में बाटागाइका नाम का एक क्रेटर है जिसे नर्क का द्वार कहा जाता है. लेकिन but सवाल यह कि आखिर ऐसा क्यों है.

 

gateway to hell 1960 में मिली जानकारी


दरअसल actually कुछ दशक पहले यह इलाका बर्फ से ढंका हुआ था..बर्फ पिघलने के बाद जब इसकी तस्वीर सामने आई तो हर कोई हैरान था. पृथ्वी की सतह से इसकी गहराई इतनी अधिक थी यहां लोग जाने से डरने लगे. इसे धरती के माथे पर दाग भी कहने लगे. इसकी साइज में लगातार इजाफा हो रहा है.1960 में इसके बारे में जानकारी मिली. बताया जाता है कि इस इलाके में बड़े पैमाने पर वनों के विनाश की वजह से सतह की मिट्टी कमजोर हुई और धंस गई.साल दर साल इसके आकार में इजाफा होता गया.कुछ जानकार बताते हैं कि 10 से 30 मीटर की रफ्तार से हर वर्ष इसमें बढ़ोतरी हो रही है.

gateway to hell 1960 में मिली जानकारी

इसके पीछे जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार बताया जा रहा है. रॉयटर्स के मुताबिक एक खोजीदल बाटागाइका के क्रेटर में उतरा था और and अविश्वसनीय साक्ष्य हासिल की. उन्होंने क्रेटर को अंदर से देखा था. इसके साथ रूस के अलग अलग हिस्सों में असामान्य भूगर्भीय बदलावों के गवाह बन रहे हैं. gateway to hell 2020 में एक ऐसे ही खड्ड के बारे में जानकारी मिली जिसका व्यास 20 मीटर और गहराई 30 मीटर थी. यह खड्ड साइबेरिया के उत्तर पश्चिम इलाके में पाया गया.

एक नजर में बाटागाइका क्रेटर

रूस के साइबेरिया में इलाके में चेरस्की माउंटेन रेंज में यह बाटागाइका क्रेटर है। लेकिन but यह क्रेटर याना और इंडिगिरिका नदियों के बीच में है। स्थानीय लोग इसे पाताल लोक का रास्ता बताते हैं। टैडपोल की आकार के इस क्रेटर की गहराई करीब 100 मीटर और 1 किमी इलाके में फैलाव है ।हांलाकि although इसके चारों तरफ सघन झाड़ियां हैं। वैज्ञानिक इसे मेगास्लंप का नाम देते हैं..

बॉस को भेजा मैसेज, बीवी ने पढ़ा और आया तूफ़ान https://shininguttarakhandnews.com/wife-read-boss-employee-chat/

ShiningUttarakhandNews

We are in the field of Electronic Media from more than 20 years. In this long journey we worked for some news papers , News Channels , Film and Tv Commercial as a contant writer , Field Reporter and Editorial Section.Now it's our New venture of News and Informative Reporting with positive aproch specially dedicated to Devbhumi Uttarakhand and it's glorious Culture , Traditions and unseen pictures of Valley..So plz support us and give ur valuable suggestions and information for impressive stories here.