Special Report By Anita Tiwari

BJP MISSION 2024 क्या मुख्यमंत्री धामी को मिलेगा युवा पार्टी अध्यक्ष ?
क्या युवा नेता को मिलेगा 2024 जीतने का लक्ष्य ?
क्या मदन के साथ हरिद्वार लोकसभा साधेगी भाजपा ?
क्या निशंक बन सकते हैं महामहिम ?
BJP MISSION 2024 नए अध्यक्ष के कई दावेदार

- BJP MISSION 2024 पहाड़ के मन में कई सवाल हैं जिसका जवाब शायद ही कोई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता जानता हो , क्योंकि बीते एक दशक में भाजपा लीडरशिप के फैसले बड़े बड़ों को चौंकाते रहे है। आज हम बात उत्तराखंड में पार्टी के नए संभावित कप्तान और लोकसभा चुनाव से जोड़ कर बता रहे है ।

- BJP MISSION 2024 , 2022 का किला जीतने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 2024 के इम्तिहान को भी 100 फ़ीसदी नंबर के साथ पास करना चाहते हैं। इसीलिए बलवीर रोड के भाजपा मुख्यालय का कमरा जब संभावित नए प्रदेश अध्यक्ष के चेहरे की दबी जुबान चर्चा से रोचक तर्क और दावों में व्यस्त रहता है तब सीएम धामी का केंद्र में प्रभाव और बेस्ट ऑप्शन इसका मुख्य आधार होता है। पार्टी प्रवक्ताओं के कमरे में थोड़ी देर गुजार लीजिए तो लगेगा जैसे नए प्रदेश अध्यक्ष के कुर्सी के दावेदारों की पूरी एक दर्जन फौज तैयार खड़ी है। कुछ गढ़वाल कुमाऊं करते हैं , कुछ के दावे हर दिन के साथ ब्राह्मण दलित और ठाकुर के नाम पर बदल जाते हैं ।

- BJP MISSION 2024 यानी पूरा का पूरा जुलाई इसी संभावित समीकरण और तुक्केबाजी में ही नए प्रदेश अध्यक्ष के ताने-बाने को ढूंढने में गुजर रहा है । मीडिया में भी सुगबुगाहट है कि कौशिक की पारी बेमज़ा और नीरस रही है। और तो और आज प्रदेश भाजपा संगठन हो या पार्टी के मंत्री और विधायक हों या आम कार्यकर्ता , नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि जब से विधानसभा का चुनाव खत्म हुआ और सीएम के तौर पर धामी ने अपनी पकड़ दिल्ली से देहरादून तक मजबूत की है ऐसे में पूरी सियासत ही उनके छत्रछाया में केंद्रित होती जा रही है।

- BJP MISSION 2024 मीडिया में भी अक्सर मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जिस तरह से असंतोष मनमुटाव और तरह तरह की खबरें सामने आती रही है , उसके बाद सियासत को समझने वाले यह मानने लगे हैं कि अगले महीने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष की विदाई लगभग तय है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या मुख्यमंत्री धामी की नजर जिस नेता पर है वह पार्टी अध्यक्ष बन सकता है ? और क्या उसके पीछे पूरा संगठन एकजुट होकर 2024 का किला जीतने के लिए एकजुट होगा ? हालांकि धामी कैबिनेट में मौजूद मंत्रियों का चयन भी दिल्ली ने बड़ी समझदारी और क्षेत्रवाद को साधने के हिसाब से किया , क्योंकि पहाड़ की राजनीति गढ़वाल और कुमाऊं के इर्द-गिर्द सिमटी है। ठाकुर और ब्राह्मण चेहरों पर यहां की राजनीति और सरकारें बनती और बिगड़ती है। ऐसे में संभव है कि जिन भाजपा नेताओं की उम्र और राजनीतिक पारी रिटायरमेंट के करीब है उन्हें साइडलाइन करते हुए अप्रत्याशित रूप से वैसा ही प्रदेश अध्यक्ष भी दिया जाए जैसा दिग्गज भाजपा विधायकों के बीच से खटीमा के युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा आलाकमान ने सबको चौंका दिया था।

- BJP MISSION 2024 जिस तरह से धामी कैबिनेट में युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा सरकार के लिए बेहद प्रभावी और भरोसेमंद रोल अदा कर रहे हैं ऐसे में बहुत संभव है कि युवा मोर्चा या युवा विधायकों में से कोई एक प्रदेश अध्यक्ष बन जाये लेकिन उसको भी बहुगुणा जैसा मुख्यमंत्री का भरोसेमंद और बेहतर तालमेल वाला होना पहली शर्त होगी। 4 इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि कांग्रेस की तरह भाजपा में भी न दिखने वाले कई खेमे हैं , अनुशासन तो है लेकिन अंदर खाने खबर यह भी रहती है कि निशंक जैसे कद्दावर को अब साइड करने की भी तैयारी है वहीं मदन को अब दिल्ली की तैयारी का इशारा भी मिल सकता है।
खबर में पढ़ें – उत्तराखंड के इस नेता की नज़र दिल्ली पंर https://shininguttarakhandnews.com/uttarakhand-bjp-news-shadab-shams/

