IAS Banshidhar Tiwari बंशीधर तिवारी का एक रूप ये भी -देखिये वीडियो

IAS Banshidhar Tiwari  सर्दी की एक ठिठुरति शाम…. शहर देहरादून से कई किलोमीटर दूर विशेष बच्चों का विद्यालय… और हैप्पी बर्थडे की गूंजती धुन… यह नजारा उस विशेष स्कूल का है जहां बच्चे दिन भर किसी खास बर्थडे का इंतजार कर रहे थे अलाव जल रहा था.. मिठाइयां सजी थी और मेज पर कई लज़ीज़ केक सजाए गए थे.. जोश में डूबे बच्चे पारंपरिक उत्तराखंडी वाद्य यंत्रों के साथ मंगल गीत गा रहे थे और उन्हें इंतजार था उस खास मेहमान का जो हर साल अपना जन्मदिन बनाने इन बच्चों के बीच आते हैं…

परिजनों के साथ इन बच्चों के बीच समय बिताया IAS Banshidhar Tiwari

IAS Banshidhar Tiwari जब जन्मदिन बना उम्मीद का उत्सव

जी हां हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड मुख्यमंत्री के अपर सचिव और महानिदेशक सूचना इस बंशीधर तिवारी के जन्मदिन का जिसे मनाने के लिए इस विशेष आयोजन को किया गया था…..दिनभर सरकारी कामकाज को निपटने के बाद और देर शाम विभागीय बैठकों को खत्म कर जैसे ही IAS बंशीधर तिवारी अपने परिवार के साथ स्कूल परिसर में पहुंचे तो बच्चों का जोश देखते ही बनता था …

बालिकाओं के बीच पहुंचे बंशीधर तिवारी

अपने पूरे परिवार बच्चों और मां के साथ अपर सचिव तिवारी इस विशेष सेलिब्रेशन को बच्चों के बीच बांटने के लिए पहुंचे थे और अपने संग ढेर सारी खुशियां भी लेकर आए इसके बाद शुरू हुआ बच्चों का बर्थडे सेलिब्रेशन पहले पूरे परिवार के साथ डीजी बंशीधर तिवारी ने बच्चों को गरमा गर्म डिनर परोसा और उसके बाद शुरू हुआ केक कटिंग सेलिब्रेशन जिसमें बच्चों ने पहले मांगलिक गीत गए, ईश्वर की आराधना की और बच्चों ने ही मिलकर जन्मदिन का केक काटकर उन्हें हैप्पी बर्थडे अंकल कहकर बर्थडे सेलिब्रेट किया

बालिकाओं संग सादगी से मनाया अपना जन्मदिन

यह नजारा पूरे परिसर में बेहद भावुक कर देने वाला और अपनापन लिए दिखाई दे रहा था बड़ी सहजता विनम्रता और आत्मीयता के साथ डीजी तिवारी का पूरा परिवार बच्चों को मिठाई बांट रहा था उनके संग उनके अनुभव और स्कूल के बारे में जानकारियां ले रहा था और मौजूद विद्यालय के कर्मचारी बच्चों और IAS बंशीधर तिवारी के इस विशेष रिश्ते को देखकर भावुक हो रहे थे… ऐसी पहल समाज को यह संदेश स्पष्ट करता है कि अगर हम अपने जिंदगी के इन खास लम्हों को समाज के बच्चों के बीच मनाए और उन्हें अपने परिवार का अंग मानते हुए मान सम्मान और स्नेह दें तो यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का निश्चित ही एक खूबसूरत किरदार होगा…. IAS बंशीधर तिवारी और उनके परिवार की यह विशेष पहल समाज के लिए ना सिर्फ एक नेक पहल है बल्कि एक खूबसूरत उदाहरण भी है जो आज के आधुनिक और डिजिटल होते लाइफस्टाइल में हमें सुखद एहसास कराती है

IAS बंशीधर तिवारी ने छात्रावास पहुंचकर न तो कोई औपचारिक भाषण दिया और न ही पद की दूरी बनाए रखी। वे बच्चों के साथ जमीन पर बैठे, उनके साथ केक काटा, उपहार वितरित किए और सहज संवाद किया। उन्होंने बच्चियों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में बातचीत की। यह संवाद औपचारिक सवाल- जवाब नहीं, बल्कि अपनत्व से भरी बातचीत थी।

इस अवसर पर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। इसे केवल एक पर्यावरणीय गतिविधि नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा गया। उन्होंने कहा कि जैसे एक पौधा समय के साथ बड़ा होकर छाया और फल देता है, वैसे ही यदि इन बालिकाओं को सही शिक्षा, मार्गदर्शन और स्नेह मिले, तो वे समाज को मजबूत दिशा देने वाली बन सकती हैं।

बालिकाओं से अभिभावक के रूप में बात करते हुए बंशीधर तिवारी ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य तय करना बेहद जरूरी है।परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि आत्मविश्वास और ईमानदारी बनी रहे, तो रास्ते खुद बनते चले जाते हैं। उन्होंने बच्चियों को केवल सफल होने तक सीमित न रहने, बल्कि नेतृत्व करने और दूसरों के लिए उदाहरण बनने की प्रेरणा दी। उनका कहना था कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो अपने साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाए।