Marriage Rules IPS या IAS आपस में शादी कर लें तो…….

Marriage Rules भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा का विषय रहती है. हाल ही में बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा और संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई की शादी की खबरों ने एक नई जिज्ञासा पैदा कर दी है. जब दो शक्तिशाली पदों पर बैठे लोग एक-दूसरे के जीवनसाथी बनते हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती समय और छुट्टियों के तालमेल की होती है. एक जिले की सुरक्षा और दूसरे की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हुए क्या ये अफसर एक साथ छुट्टियां ले सकते हैं? सरकारी नियम और कैडर की नीतियां इन ‘पावर कपल्स’ को साथ समय बिताने के लिए क्या रियायतें देती हैं, यह जानना बेहद दिलचस्प है.

IAS-IPS की शादी और छुट्टियों का गणित Marriage Rules

सरकारी सेवा में रहते हुए छुट्टी लेना किसी भी कर्मचारी के लिए अधिकार नहीं, बल्कि एक अनुमति होती है. जब दो आईपीएस या आईएएस अधिकारी आपस में शादी करते हैं, तो वे तकनीकी रूप से एक साथ छुट्टी लेने के पात्र होते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ कड़े प्रावधान और शर्तें लागू होती हैं. वे अपनी अर्जित छुट्टी या आकस्मिक छुट्टी का आवेदन एक साथ कर सकते हैं, परंतु इसकी स्वीकृति पूरी तरह से ‘सक्षम प्राधिकारी’ (Competent Authority) पर निर्भर करती है. यदि राज्य में कोई आपात स्थिति, चुनाव, दंगा या कोई बड़ा वीवीआईपी मूवमेंट है, तो प्रशासन एक साथ दो बड़े अधिकारियों को छुट्टी देने से मना कर सकता है.

कैडर और पोस्टिंग के नियमों में बड़े बदलाव
अतीत में आईएएस-आईपीएस जोड़ों के लिए सबसे बड़ी समस्या अलग-अलग राज्यों (कैडर) में तैनाती थी. पहले नियमों के अनुसार पति-पत्नी को एक ही राज्य मिलना कठिन होता था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने नियमों में संशोधन किया है. ‘मैरिज ग्राउंड’ के आधार पर अब अधिकारी दंपती एक ही कैडर या राज्य में ट्रांसफर की मांग कर सकते हैं. इससे उन्हें एक ही भौगोलिक क्षेत्र में रहने और अपनी छुट्टियों को बेहतर तरीके से प्लान करने में मदद मिलती है. हालांकि, यह ट्रांसफर तभी होता है जब संबंधित राज्य सरकारें इसके लिए अपनी सहमति दे दें.

छुट्टी की प्रक्रिया और विदेश यात्रा के नियम
अगर कोई अधिकारी दंपती साथ में विदेश यात्रा पर जाना चाहता है, तो प्रक्रिया सामान्य से थोड़ी अधिक जटिल हो जाती है. उन्हें न केवल छुट्टी की मंजूरी लेनी होती है, बल्कि सरकार को अपनी यात्रा का पूरा विवरण देकर ‘विदेश यात्रा अनुमति’ भी प्राप्त करनी होती है. इसमें उन्हें अपने ठहरने की जगह और खर्च के स्रोत की जानकारी भी देनी पड़ती है. इसके अलावा, हाल के वर्षों में नियमों में एक बड़ा मानवीय बदलाव आया है. अब पुरुष अधिकारी भी अपनी पत्नी के साथ ‘चाइल्ड केयर लीव’ के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे बच्चों की परवरिश में दोनों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो सके.

इमरजेंसी और ड्यूटी का दबाव
आईएएस और आईपीएस जैसे पदों पर चौबीसों घंटे की जिम्मेदारी होती है. शादी के बाद भी, यदि जिले में कोई अप्रिय घटना होती है, तो अधिकारी को अपनी छुट्टी बीच में छोड़कर ड्यूटी पर लौटना पड़ता है. अक्सर देखा गया है कि बड़े त्योहारों या संवेदनशील मौकों पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी जाती हैं. ऐसे में, भले ही दोनों अधिकारियों ने एक साथ छुट्टी की योजना बनाई हो, प्रशासनिक आवश्यकता को हमेशा व्यक्तिगत जीवन से ऊपर रखा जाता है. यही कारण है कि इन अधिकारियों को अपनी छुट्टियों का प्रबंधन बहुत पहले से और बैकअप प्लान के साथ करना पड़ता है.