Amazing Facts ग्वालियर में इन दिनों बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है, लेकिन कॉपियां जांचने वाले शिक्षक इस समय पशोपेश में हैं. उनके सामने उत्तर पुस्तिकाओं में जवाबों की जगह जो कुछ निकलकर आ रहा है, वह हैरान करने वाला भी है और मजेदार भी. दरअसल, मध्य प्रदेश बोर्ड के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के छात्र-छात्राओं ने पास होने के लिए कॉपियों के अंदर ‘इमोशनल कार्ड’ से लेकर रिश्वत के लालच तक, हर पैंतरा आजमा लिया है. मूल्यांकन केंद्र पर जब शिक्षकों ने कॉपियां खोलीं, तो उनमें से 500 के नोट, लव लेटर और यहां तक कि शादी के अनोखे प्रस्ताव भी मिले. किसी ने अपनी मजबूरी का रोना रोया है, तो किसी ने अपनी साली से टीचर की शादी करवाने का ही वादा कर दिया है.
कॉपियों के अंदर ‘इमोशनल कार्ड’ से लेकर रिश्वत के लालच Amazing Facts

पास करानें के लिए पर्चियों में अनोखी रिश्वत
मूल्यांकन केंद्र पर तैनात शिक्षकों की मानें तो इस बार करीब 100 से अधिक कॉपियों में ऐसी गुहारें मिली हैं जिनका पढ़ाई से दूर-दराज तक कोई नाता नहीं है. एक छात्र ने तो सारी हदें पार करते हुए अपनी कॉपी में लिखा कि अगर सर आप उसे पास कर देते हैं, तो वह अपनी साली से उनकी शादी करवा देगा.वहीं कई कॉपियों में 500 रुपये के नोट चिपके हुए पाए गए. इतना ही नहीं, कुछ स्मार्ट छात्रों ने तो कॉपी के अंदर अपना मोबाइल नंबर लिख दिया और शिक्षक से अनुरोध किया कि वे उन्हें फोन करें ताकि वे ऑनलाइन पेमेंट (UPI) के जरिए सीधे रिश्वत भेज सकें. ताज्जुब की बात ये है कि इस तरह के संदेश लिखने वालों में छात्राओं की संख्या अच्छी-खासी रही है.

बीमारी से लेकर ब्रेकअप तक के बहाने
कॉपियों में सिर्फ पैसों का लालच ही नहीं था, बल्कि भावनाओं का ऐसा समंदर उमड़ा कि टीचर्स भी दंग रह गए. एक छात्रा ने अपनी कॉपी में लिखा कि अगर वह इस साल फेल हो गई, तो उसकी शादी टूट जाएगी. एक दूसरे छात्र ने अपनी प्रेम कहानी का दुखड़ा सुनाते हुए लिखा कि गर्लफ्रेंड ने उससे ब्रेकअप कर लिया है, जिसके सदमे में वह साल भर पढ़ाई नहीं कर पाया.वहीं, कुछ शादीशुदा छात्राओं ने गुहार लगाई कि अगर वे फेल हुईं, तो उनके पति उन्हें प्रताड़ित करेंगे. लगभग 23 कॉपियां ऐसी थीं जिनमें छात्रों ने अपने माता-पिता को कैंसर या किसी अन्य गंभीर बीमारी होने का दावा किया और लिखा कि वे अस्पताल के चक्कर काटते रहे, इसलिए परीक्षा की तैयारी नहीं कर सके.

रिश्वत के साथ रिश्तों का भी दिया लालच
ग्वालियर के शिंदे की छावनी स्थित मूल्यांकन केंद्र के प्रिंसिपल जितेंद्र सिंह आजाद ने पुष्टि की है कि छात्रों के इन अजीबोगरीब मैसेज से मूल्यांकन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा है. शिक्षकों ने इन इमोशनल अपीलों को पूरी तरह नजरअंदाज किया और केवल उत्तरों के आधार पर ही नंबर दिए हैं. असल में, बोर्ड की ओर से लागू की गई QR कोड प्रणाली ने छात्रों की सारी चालबाजियों पर पानी फेर दिया है. इस सिस्टम की वजह से छात्रों को ये पता ही नहीं चल पाता कि उनकी कॉपी किस शहर या किस केंद्र पर जांची जा रही है

