homestay in uttarakhand स्मार्ट सिटी देहरादून उत्तराखंड की राजधानी होने के साथ साथ मसूरी , धनौल्टी और चकराता घूमने वाले टूरिस्टों का बड़ा पड़ाव होता है। ऐसे में होटल हों या होमस्टे यहाँ भीड़ भी रहती है। ऐसे में कोई अनहोनी न हो , कोई अनैतिक काम न हो इसके लिए कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई गई। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रथम चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
17 होमस्टे पर डीएम सविन बंसल ने कर दी बड़ी कार्यवाही homestay in uttarakhand

जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन सफाई” के तहत यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी अवैध और नियमों के विपरीत संचालित होमस्टे के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। बीते कुछ महीनों में शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशाखोरी और ओवरस्पीड जैसी गतिविधियों के पीछे होमस्टे में रातभर अवैध बार संचालन और तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले सामने आए हैं।टूरिस्ट प्लेस होने की वजह से यहाँ सैलानियों का आना बना रहता है ऐसे में अनैतिक गतिविधियां हों या लड़के लड़कियों का बेख़ौफ़ आकर समय गुजारना हो बिना नियम कानून को माने कई स्थानों पर ये होमस्टे अय्याशी के अड्डे बनते जा रहे थे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कानून से ऊपर कोई नहीं है। महज सात दिनों में मजिस्ट्रेट की पांच टीमें गठित कर इन अनियमितताओं का खुलासा किया गया।

निरीक्षण में पाया गया कि कई होमस्टे होटल की तरह संचालित हो रहे थे। इनमें अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई स्थानों पर फूड लाइसेंस नहीं था, जबकि कुछ होमस्टे लीज पर संचालित हो रहे थे। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना पर्यटकों और उपद्रवी तत्वों को ठहराया जा रहा था, जिससे कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती उत्पन्न हो रही थी।जांच में यह भी सामने आया कि कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं थी, स्वामी का निवास नहीं पाया गया, निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन हो रहा था और विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) भी उपलब्ध नहीं कराई गई। कुछ मामलों में स्वामित्व परिवर्तन और नवीनीकरण न होने की अनियमितताएं भी मिलीं।

जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों का प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, लेकिन इसके विपरीत इनका व्यावसायिक दुरुपयोग किया जा रहा था। सभी होमस्टे संचालकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में भी जांच अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

