Hair Dye Tips आप करते हैं हेयर डाई, तो सावधान !

Hair Dye Tips  हर कोई सुंदर, आकर्षक और हीरो या हीरोइन की तरह दिखना चाहता है। इसके लिए वह नए-नए डिजाइन के कपड़े, हाई क्वालिटी मेकअप और सबसे जरूर यूनीक हेयर स्टाइल ट्राई करते हैं, लेकिन कभी-कभी यही फैशन जान का दुश्मन बन जाता है।

परमानेंट हेयर कलर आपको लंबे समय तक बार-बार बालों को कलर करने की झंझट से मुक्ति तो दिला देते हैं, मगर इनका अधिक प्रयोग आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है, तो आइए आज हम आपको हेयर डाई लगाने के नुकसानों के बारे में बताने जा रहे हैं.

मौजूदा समय में बाल कलर करना एक फैशन बन गया है। बाल अगर सफेद हैं, तो कलर कुछ हद तक जरूरी भी है, लेकिन आपने कई नौजवान देखे होंगे, जो शौक से बालों को कलर करते रहते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पछतावे के अलावा कुछ नहीं मिलता और गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही हुआ 20 साल की युवती के साथ, जिसे हेयर डाई करवाना महंगा पड़ गया और किडनी की बीमारी हो गई।

दरअसल, यह युवती एक सेलिब्रिटी की फैन है और दीवानगी ऐसी की हू-ब-हू उसी की तरह दिखना चाहती थी। ऐसे में उसने सेलिब्रिटी की तरह अपने बाल डाई करवाना शुरू कर दिए। धीरे-धीरे उसकी यह आदत बन गई और हेयर डाई की वजह से उसे किडनी का रोग हो गया। यही नहीं, हेयर कलर करवाने से युवती के पैरों पर लाल धब्बे पड़ गए। जोड़ों में दर्द और पेट में ऐंठन जैसी परेशानी होने लगी।

डाक्टरों ने बताया कि यह दिक्कत बार-बार हेयर कलर करवाने से हुई है, क्योंकि इसमें खतरनाक केमिकल होते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, क्योंकि शुरूआत में इन रोगों का पता नहीं चल पाता।विशेषज्ञों का कहना है कि बालों को बार-बार कलर नहीं करना चाहिए। कलर करते समय हेयर डाई के इंग्रीडिएंट्स की जांच करनी चाहिए। हेयर कलर के समय दस्ताने पहनें और हवादार जगह का इस्तेमाल करें ताकि हानिकारक रसायनों का संपर्क कम हो।

हेयर डाई का अपयोग ज्यादातर मध्यम उम्र वाले और बूढ़े लोग अधिक करते हैं, जिनमें आमतौर पर 40 से 80 साल के लोग शामिल होते हैं क्योंकि इस उम्र में कैंसर होने का खतरा अधिक होता है. ऐसे में अगर आप परमानेंट हेयर डाई का उपयोग करते है, तो ये आपके लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है. इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने 1,17,200 महिलाओं को शामिल किया. इस शोध में महिलाओं पर 36 साल से ज्यादा समय तक नजर रखी गई, जिसके बाद ये निष्कर्ष सामने आया. इस रिसर्च की शुरुआत में इनमें से न तो किसी महिला को कैंसर था और न ही कैंसर होने का खतरा था. इसके बाद रिसर्च में पाया गया कि जिन महिलाओं द्वारा परमानेंट हेयर डाई का प्रयोग किया गया, उनमें से अधिकतर कैंसर का शिकार होना पड़ा.