Mango Purity Test गर्मी आते ही मार्केट में हर तरफ तरह-तरह के रसीले आम दिखने लगते हैं. उनकी मीठी खुशबू और गर्मी में उनका नियमित सेवन करने में अलग ही मजा आता है. लेकिन लोगों के इस मजे को खराब करने और ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में कई लोग मार्केट में केमिकल से पके हुए आम उतार देते हैं. ऐसे में कौन सा आम प्राकृतिक पका हुआ और कौन सा आम केमिकल से पका हुआ, यह पहचानना बहुत मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में अगर कोई केमिकल से पका हुआ आम खा लें, तो इससे शरीर पर कई नुकसानदायक असर पड़ता है और कई तरह की हेल्थ से जुड़ी समस्याएं पैदा होने लगती है. इसलिए जरूरी है कि हम थोड़ी समझदारी दिखाएं और खरीदते समय सही पहचान करना सीखें, ताकि परिवार की सेहत सुरक्षित रहे और असली स्वाद का आनंद भी मिल सके।

मुनाफे के लिए केमिकल का खेल Mango Purity Test
व्यापारी अधिक मुनाफे के लिए आमों को समय से पहले पकाने के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करते हैं। इन रसायनों का सेवन शरीर के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में बताया कि केमिकल से पके आमों को पहचानना वैसे तो थोड़ा मुश्किल है, लेकिन कुछ सावधानियों से आप असली और नकली का फर्क आसानी से समझ सकते हैं।

काले धब्बों से करें पहचान
अगर आप बाजार से लाए आम को पानी से अच्छी तरह धोते हैं और फिर भी उस पर मौजूद काले धब्बे साफ नहीं होते, तो पूरी तरह सावधान हो जाएं। डॉ. त्यागी बताते हैं कि यह इस बात का पक्का संकेत है कि आम को प्राकृतिक तरीके से नहीं बल्कि हानिकारक केमिकल से पकाया गया है। प्राकृतिक रूप से पके आम के दाग उसके छिलके का स्वाभाविक हिस्सा होते हैं। वे रसायनों की तरह बाहरी परत पर जमे हुए नहीं दिखते। ऐसे आमों को खरीदने से बचना ही आपके और आपके परिवार की सेहत के लिए समझदारी है।

यही कारण है कि कुछ आसान संकेतों को समझना जरूरी है –
सबसे पहले आम के रंग और बाहरी बनावट पर ध्यान दें, क्योंकि केमिकल से पके आम अक्सर एक जैसे चमकदार पीले दिखते हैं, जबकि प्राकृतिक रूप से पके आमों में हल्का हरा, पीला और कभी-कभी लाल रंग का मिश्रण होता है और उन पर असमानता साफ दिखाई देती है।
आम को सूंघकर देखें, क्योंकि असली पका आम मीठी और हल्की खुशबू देता है, जबकि केमिकल वाले आम में तेज या अजीब सी गंध आ सकती है या कभी-कभी बिल्कुल खुशबू नहीं होती।
घर आकर पानी में डालकर जांच करें, क्योंकि जो आम पानी में डूब जाए वह आमतौर पर प्राकृतिक रूप से पका होता है, जबकि जो आम तैरता है वह से केमिकल से तैयार हो सकता है।

आम को काटकर भी पहचान की जा सकती है, क्योंकि असली आम अंदर से पूरी तरह नरम, रसदार और समान रूप से पका होता है, जबकि केमिकल से पका आम बाहर से नरम लेकिन अंदर से सख्त, हल्का पीला या सफेद और कम रस वाला हो सकता है। आम पकाने में अक्सर कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है। यह रसायन जब नमी के संपर्क में आता है, तो एसिटिलीन गैस छोड़ता है। यह गैस हमारे शरीर के लिए किसी धीमे जहर से कम नहीं है। इसके प्रभाव से शरीर में कार्सिनोजेनिक तत्व बन सकते हैं, जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, ये जहरीले रसायन हमारे शरीर के नाजुक हार्मोनल संतुलन को भी पूरी तरह बिगाड़ सकते हैं।

