NEET Exam Cancellation 3 मई को जिस उम्मीद के साथ लाखों छात्रों ने परीक्षा हॉल में कदम रखा था, वह उम्मीद अब मातम में बदल चुकी है. एनटीए (NTA) द्वारा नीट-यूजी 2026 की परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने उन सपनों की ‘हत्या’ कर दी है, जिन्हें छात्रों ने पिछले 2 सालों से आंखों में पाल रखा था. इस बीच (NEET UG 2026 Exam Cancellation) देश भर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के चेहरे पर गुस्सा कम और लाचारी ज्यादा नजर आ रही है. पेपर लीक की इस दीमक ने न केवल एक परीक्षा बल्कि लाखों परिवारों के भरोसे और निवेश को भी चाट लिया है.
NEET UG रद्द होने से टूटा छात्रों का हौसला NEET Exam Cancellation

दिल्ली से देहरादून , यूपी से कश्मीर तक मायूसी नजर आ रही है। ऐसे ही एक छात्र का दर्द देशभर के छात्रों की आवाज बन गया है. उन्होंने बताया कि इस एक दिन के लिए उन्होंने दो साल तक घर-परिवार से दूर रहकर ‘वनवास’ काटा. रात के 2-2 बजे तक जागकर किताबों में सिर खपाना, त्यौहारों से दूरी और हर वक्त का मानसिक तनावयह सब अब बेकार हो गया. उत्सव कहते हैं कि मेरा साल तो खराब हुआ ही, अब दोबारा तैयारी के लिए माता-पिता की आंखों में आंखें डालकर पैसे कैसे मांगू ? उनके भी सपने इसी पेपर के साथ जल गए हैं.

इनके जैसे कई छात्रों के लिए दुख की बात (student reaction on NEET Exam Cancellation) यह है कि इस बार पेपर काफी अच्छा हुआ था. आसान पेपर देखकर छात्रों को लगा था कि इस बार सफेद कोट और गले में स्टेथोस्कोप पहनने का सपना पूरा हो जाएगा. लेकिन एनटीए की खामियों ने खेल बिगाड़ दिया. हरिओम कहते हैं कि अंदर से सब टूट गया है. आगे क्या होगा, कैसे फिर से उसी ऊर्जा के साथ किताबों को हाथ लगाएंगे, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है.

‘एनटीए’ का फेलियर या सिस्टम खराब ?
छात्रों में इस बात को लेकर सबसे ज्यादा गुस्सा है कि नीट की गरिमा बार-बार तार-तार क्यों हो रही है? आईएसओ लेकर एक अन्य छात्र मयंक कुमार ने तीखा सवाल उठाया कि 2024 की गड़बड़ियों से सिस्टम ने क्या सीखा? रिजल्ट का इंतजार कर रहे छात्रों को ‘कैंसिलेशन’ का नोटिस थमा दिया गया. मयंक के मुताबिक, एनटीए अब बस खानापूर्ति करने वाली एजेंसी बनकर रह गई है, जिसे लाखों बच्चों के भविष्य से ज्यादा अपनी प्रक्रिया पूरी करने की चिंता है.

