Crime News साडी ब्लाउज खोलते ही भयंकर खुलासा !

Crime News  अगर आप ऑनलाइन साडी ब्लाउज , या ड्रेस मेटेरियल्स मंगाते हैं तो इसकी आड़ में शातिर लोग बड़ा खेल भी कर रहे हैं। पैकेट में बताया कुछ और जाता है और निकलता कुछ और है। दिल्ली-एनसीआर में नशे के नेटवर्क पर एक बार फिर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी के एक शातिर तरीके का पर्दाफाश किया है। साड़ियों के सामान्य पार्सल की आड़ में गांजा सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद माल की मात्रा और तस्करी का तरीका दोनों ही चौंकाने वाले हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है।

कूरियर नेटवर्क और फर्जी पहचान का इस्तेमाल Crime News


एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस को सेक्टर-17 क्षेत्र में गांजा तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा गया, जिनके पास से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अयोध्या निवासी शुभम पाठक और शिवम दूबे के रूप में हुई है, जो वर्तमान में दिल्ली के मयूर विहार इलाके में रह रहे थे। जांच में सामने आया है कि शुभम पाठक इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। वह पिछले 2 से 3 वर्षों से नशे के कारोबार में सक्रिय था। ओडिशा और आंध्र प्रदेश से गांजा मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था।

साड़ियों में छिपाकर होती थी तस्करी

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि तस्कर बेहद शातिर तरीके से गांजे की तस्करी करते थे। साड़ियों के पैकेट के अंदर गांजा इस तरह छिपाया जाता था कि वह सामान्य कपड़ों का पार्सल लगे। पुलिस ने मौके से 39 साड़ियां भी बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था। आरोपी कूरियर कंपनियों के जरिए माल मंगवाते थे और अक्सर फर्जी या अधूरे पते का इस्तेमाल करते थे। पार्सल डिलीवरी से पहले ही फोन पर संपर्क कर उसे खुद प्राप्त कर लेते थे, जिससे ट्रैकिंग और पहचान से बचा जा सके।

37 किलो से अधिक गांजा बरामद, कीमत 25 लाख रुपये

पुलिस ने कुल 37 किलो 696 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह गांजा उच्च गुणवत्ता का बताया गया है, जिसे विशेष प्रोसेसिंग के बाद तैयार किया जाता है और इसकी मांग भी अधिक रहती है।