janmashtami in SGRR एसजीआरआर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम

janmashtami in SGRR श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। विश्वविद्यालय के हेलीपैड ग्राउंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मटकी फोड़, दही-हांडी, श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भजन-कीर्तन ने समां बांध दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

हेलीपैड ग्राउंड पर सजा भव्य मंच, झांकियों ने मोहा मन janmashtami in SGRR


श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने सभी छात्र-छात्राओं, फेकल्टी सदस्यों व स्टाफ को श्रीकृृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा, कर्तव्य, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना निरंतर प्रगाढ़ होती रहे।

विश्वविद्यालय प्रांगण से शुरू हुई श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय हेलीपैड ग्राउंड तक जारी रही। भगवान श्रीकृष्ण की महिमा, उनकी बाल लीलाओं और जीवन दर्शन से जुड़ी प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। रंग-बिरंगे और आकर्षक परिधानों में सजे छात्र-छात्राओं ने मनमोहक झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया।


कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के गोविंदाओं द्वारा दही-हांडी फोड़ने की रोमांचक प्रस्तुति रही। उत्साह से सराबोर छात्र-छात्राओं ने मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ी। मटकी फूटते ही पूरा हेलीपैड ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान छात्रों का जोश और उत्साह देखते ही बनता था।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से जुड़ी मनमोहक झांकियों में बाल गोपाल की नटखट लीलाओं से लेकर भगवान श्रीकृष्ण के माखन चुराने, गोपियों के साथ रासलीला, गोवर्धन पर्वत धारण करने और कंस वध जैसे प्रसंगों का सुंदर और जीवंत प्रदर्शन किया गया। बाल कृष्ण लीला और कंस वध पर प्रस्तुत की गई नृत्य नाटिकाओं ने दर्शकों को भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कराए। एक के बाद एक प्रस्तुत की गई आकर्षक नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।