PICA Eating Disorder उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चिकित्सा क्षेत्र में एक और जटिल और सफल ऑपरेशन सामने आया है। यहां डॉक्टरों की टीम ने PICA डिसऑर्डर से पीड़ित एक महिला के पेट और आंतों में फंसी सुई, कांच की चूड़ियों के टुकड़े, हेयर पिन समेत कई अखाद्य वस्तुओं को ऑपरेशन के जरिए बाहर निकाला। करीब तीन घंटे चले जटिल ऑपरेशन के बाद महिला की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
महिला के पेट से निकलीं सुई, चूड़ी और हेयर पिन PICA Eating Disorder

फतेहपुर जिले की तहसील खागा के नगरा चकिया गांव निवासी बृजेश कुमार की पत्नी विजमा देवी पिछले कुछ वर्षों से मानसिक अवसाद और डिप्रेशन से परेशान थीं। परिवार के मुताबिक, वह मौका मिलने पर आसपास की अखाद्य चीजें भी खा लेती थीं। धीरे-धीरे उनके अंदर सुई, हेयर पिन और चूड़ियों के टुकड़े जैसी अखाद्य वस्तुएं निगलने की असामान्य आदत विकसित हो गई। चिकित्सा विज्ञान में इस तरह की समस्या को ‘पाइका (Pica)’ कहा जाता है।
पुलिस और अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, नुकीली वस्तुएं निगलने के कारण महिला की आंतों में कई जगह छेद यानी परफोरेशन हो गया था। दो सुइयां आंत को पार करते हुए दाहिने गुर्दे के आसपास तक पहुंच गई थीं।आंत में छेद होने के कारण पेट में गंभीर संक्रमण फैलने लगा था और महिला की स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। परिजन गुमान सिंह ने बताया कि महिला करीब सात महीने से इस समस्या से परेशान थीं। परिवार ने कई जगह इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।हालात गंभीर होने के बाद विजमा देवी को प्रयागराज के मल्टी सुपरस्पेशियलिटी नारायण स्वरूप हॉस्पिटल लाया गया।

एक्स-रे और सीटी स्कैन में दिखीं नुकीली वस्तुएं
अस्पताल में डॉ. राजीव सिंह ने महिला की जांच कराई। एक्स-रे और सीटी स्कैन में पेट और आंतों के भीतर कई नुकीली धातु की वस्तुएं दिखाई दीं। इनमें से कुछ वस्तुएं आंत की दीवार को पार कर पेट के दूसरे हिस्सों तक पहुंच गई थीं।जांच में एक नुकीली वस्तु से दाहिने गुर्दे के आसपास भी गंभीर चोट पहुंचने की बात सामने आई। आंत में छेद के कारण संक्रमण फैलने और महिला की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर एक्स-रे और इसके बाद सीटी स्कैन के जरिए महिला के पेट में फंसी सुइयों और अन्य वस्तुओं की सटीक स्थिति का पता लगाया गया।आंतों के अंदर फंसी सुइयों को निकालना डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती थी। ऑपरेशन थिएटर में आधुनिक ‘C-Arm’ मशीन की मदद ली गई। डॉक्टरों की टीम ने करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद पेट में फंसी नुकीली वस्तुओं को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

