Dehradun Congress Protest अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रणाली में कथित धांधली और वोट चोरी के खुलासों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश भर से जुटे हजारों कांग्रेसजनों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय का घेराव किया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि:
- तत्काल बर्खास्तगी: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तुरंत बर्खास्त किया जाए।
- देशद्रोह का मुकदमा: जनता के मताधिकार के साथ कथित धोखाधड़ी और वोट चोरी के आरोपों में उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए।
- निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा: मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल के दौरान लिए गए सभी विवादित निर्णयों की एक निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच एजेंसी से समीक्षा कराई जाए।

Dehradun Congress Protest- एकजुट दिखी कांग्रेस
इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व और प्रमुख जनप्रतिनिधि एक मंच पर नजर आए। प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्यऔर CWC सदस्य करन माहरा, सह प्रभारी मनोज यादव, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक ममता राकेश, फुरकान अहमद, लखपत बुटोला, रवि बहादुर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व विधायक रंजीत रावत, ओम गोपाल रावत, ललित फर्स्वाण, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, और प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र भंडारी।इनके अलावा विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय आम जनता ने भाग लिया।

प्रदेश भर से जुटे हजारों कांग्रेसजन
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में लोकतंत्र और आम मतदाता के अधिकारों की रक्षा करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है। चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल बेहद गंभीर हैं। नेताओं ने संकल्प जताया कि जब तक चुनावी प्रक्रिया में शुचिता और निष्पक्षता बहाल नहीं हो जाती, तब तक कांग्रेस का यह जन-संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।

