उत्तराखंड में सड़क और पुल निर्माण की प्रक्रिया अब पहले से आसान होगी। कैबिनेट ने एक ही स्वीकृति पर सभी निर्माण कार्य कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे बार-बार अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और परियोजनाओं में देरी कम करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में अब सड़क व पुल निर्माण के सभी काम एक ही स्वीकृति पर होंगे। निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रक्रिया के सरलीकरण की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से सड़क निर्माण में कटिंग के बाद अन्य कामों के लिए दोबारा से स्वीकृति नहीं लेनी पड़ेगी।
प्रदेश में सड़क व पुलों के निर्माण के लिए वर्तमान में दो चरणों में स्वीकृति लेनी की अनिवार्यता है। ऐसे में पहले चरण में सड़क की कटिंग की स्वीकृति दी जाती है। इसके बाद दूसरे चरण में सुरक्षा दीवार, पुलिया, नालियों व अन्य कार्यों की स्वीकृति दी जाती है। अलग-अलग चरणों में स्वीकृति की प्रक्रिया से निर्माण कार्यों में समय लगता है।
सड़क की कटिंग होने के बाद सुरक्षा दीवार, पुलिया व नालियां बनाने के लिए अलग से स्वीकृति की प्रक्रिया अपनाने से कई माह का समय लगता है। इसके साथ सड़क कटिंग को नुकसान होता है। नई व्यवस्था में पहले व दूसरे चरण के सभी कार्य एक ही स्टेज में स्वीकृत किए जाएंगे। इससे पहाड़ कटान के बाद आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य समय पर कराए जा सकेंगे और मार्गों को होने वाली क्षति कम होगी।

