Love Marriage Temple अगर आपके माता-पिता आपकी लव मैरिज के लिए नहीं मान रहे हैं या फिर आप अपने पसंद के पार्टनर के साथ ही शादी करना चाहते हैं, तो देश में 4 ऐसे मंदिर हैं, जहां आप अपने पार्टनर के साथ जाकर पूजा अर्चना करके अपनी मनोकामना मांग सकते हैं।
Love Marriage Temple इन 4 मंदिरों में होती है लव मैरिज

- Love Marriage Temple देश में शादी एक बेहद ही स्पेशल चीज है, जहां दो प्यार करने वाले लोग हमेशा के लिए एक दूजे के हो जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जोड़ियां ऊपर वाला बनाता है, लेकिन जब दो लोगों के बीच माता-पिता की रजामंदी न हो, तो ये प्यार की कहानी अधूरी रह जाती है। अगर आप भी अपने प्यार से शादी करने के बारे में ठान चुके हैं, लेकिन मम्मी-पापा आपके खिलाफ हैं, तो देश के कुछ ऐसे 4 मंदिर हैं, जहां आपकी मन पसंद के लड़के या लड़की से शादी हो सकती है। चलिए आपको उन मंदिरों के बारे में बताते हैं।

- Love Marriage Temple मंगलम्बिकई समथा श्री मंगलेश्वर मंदिर लव मैरिज के लिए आशीर्वाद लेने या मन पसंद की शादी करने के लिए जाना जाता है। “मंगलयम” नाम का अर्थ ही मंगल सूत्र या थाली, यहां आने वाले लोग पूजा करने के दौरान इन चीजों का इस्तेमाल करते हैं। ये मंदिर लालगुडी गांव के आसपास, त्रिची बस स्टैंड से लगभग 22 किलोमीटर दूर है। अगर आप सोच रहे हैं कि यहां शादी की इच्छा पूरी करवाने वाले लोग ही आते हैं, तो ऐसा नहीं है, सालों से गोद न भरी विवाहित महिलाएं भी इस मंदिर में बच्चा होने की इच्छा लेकर आती हैं।

- Love Marriage Temple मंगैयारकरसी समथा श्री वेदपुरेश्वर मंदिर तिरुवेधिकुडी में तिरुवयारु के पास स्थित है। इस जगह के प्रमुख देवता वेदपुरेश्वरर या वज़हैमदुनाथर हैं। दूसरे शब्दों में कहें ये भगवान शिव का दूसरा रूप हैं। बता दें, यहां स्वयंभू लिंग है, जिसके दर्शन करने के लिए लोग हर साल काफी संख्या में आते हैं। यहां आपको अविवाहित कपल्स की सबसे ज्यादा भीड़ दिखेगी, जो लव मैरिज की इच्छा लेकर आते हैं। कहा जाता है कि चोल राजा अपनी बेटी की शादी को लेकर बहुत चिंतित थे, जब राजा को कुछ समझ नहीं आया तब उन्होंने देवी मंगैयारकारसी से मनोकामना मांगी और अपनी बेटी के नाम पर कई पूजाएं करवाई। कुछ ही दिनों में उसकी शादी योग्य वर से तय हो गई। राजा इतने खुश थे कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम बदलकर मंगैयारकारसी कर दिया।

- Love Marriage Temple ये मंदिर भी कपल्स के लिए वरदान से कम नहीं है। शादी न होने की वजह से परेशान जोड़े इस मंदिर में एक बार दर्शन करने के लिए जरूर जाते हैं। शिवलोक नयगी समीथा सिष्ट गुरुनाथर मंदिर कुड्डालोर जिले के तिरुथलूर में स्थित है। भगवान शिव जो यहां लिंग के रूप में स्थापित हैं, उन्हें यहां कई नामों से पुकारा जाता है, जैसे कि सिष्ट गुरु नाथेश्वरर / थावा नेरी आलुदयार। विवाह संबंधी समस्याओं के लिए यहां सोमवार पूर्णिमा पूजा करवाई जाती है। यहां बिल्व के पत्तों से भगवान की पूजा अर्चना होती है।

- Love Marriage Temple कोकिलाम्बिका समथा नागपट्टिनम जिले में थिरुमाननचेरी नाम की जगह पर श्री कल्याणसुंदरेश्वर मंदिर है, जहां विवाह संबंधी दोषों को दूर किया जाता है। तमिल भाषा में थिरुमानम का अर्थ है ‘विवाह’ और चेरी का अर्थ है ‘गांव’। स्थानीय लोगों के अनुसार ये वो जगह है, जहां भगवान शिव ने देवी पार्वती से विवाह किया था। यहां आपको भगवान शिव दूल्हे की पोशाक में देवी पार्वती के साथ हाथ में हाथ डाले खड़ी मुद्रा में दिखाई देंगे। देवी पार्वती को झुके हुए सिर के साथ देखा जा सकता है।
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