Delhi Dehradun Economic Corridor एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर कराएगा रोमांचक सफ़र

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे एक प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जो दिल्ली (अक्षरधाम) से देहरादून की यात्रा को 6-7 घंटे से घटाकर मात्र 2.5-3 घंटे कर देगा। अब मात्र तीन घंटे में एनसीआर से देहरादून पहुंचा जा सकता है। इस कॉरिडोर पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा है। यह 6-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जिसमें 12 किमी लंबा एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग शामिल है।

12 किमी लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर Delhi Dehradun Economic Corridor

11,963 करोड़ की लागत से बना 210 किमी लंबा देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर कई मायनों में खास है। यह दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए देहरादून के आशारोड़ी को जोड़ता है। एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई हैं। गाजियाबाद के लोग दिल्ली के अक्षरधाम से इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकते हैं. वहीं, मेरठ से देहरादून जाने के लिए लोग बागपत से इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकते हैं

दिसंबर, 2021 में इस एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हुआ था। इस पर सबसे खास और अहम शिवालिक की पहाड़ियों यानी मोहंड में बना 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर माना जा रहा है। इस कॉरिडोर को इस तरह बनाया गया है कि वाहन भी फर्राटा भरेंगे और वन्यजीवों की आवाजाही भी प्रभावित नहीं होगी। वन्यजीवों को वाहनों की आवाज भी सुनाई नहीं देगी। इसके लिए बाकायदा साउंड प्रूफ शीटें लगाई गई हैं।

मां डाट काली मंदिर के लिए विशेष मार्ग

एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार और भक्तों की सुविधा को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर से मां डाट काली मंदिर जाने के लिए विशेष मार्ग का निर्माण किया गया है। एनएचएआई ने कॉरिडोर से ही मां डाट काली मंदिर जाने के लिए वायाडक्ट बना दिया है।

देहरादून दिल्ली एक्सप्रेस वे की मुख्य विशेषताएं:

समय और दूरी की बचत: यात्रा का समय 6-7 घंटे से कम होकर लगभग 2.5 घंटे हो जाएगा।

तेज़ गति: यह 100 किमी/घंटा से अधिक की गति के लिए डिज़ाइन किया गया है।

एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव गलियारा: इसमें 12 किमी लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र) है, जो हाथियों और अन्य जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता है।

डाट काली टनल: डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी टनल है, जो गणेशपुर-आशारोड़ी खंड का हिस्सा है।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: इसमें 100 से अधिक अंडरपास, कई फ्लाईओवर, और 16 एंट्री-एक्जिट पॉइंट हैं।

पर्यावरण के अनुकूल: वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 62 bus shelters, 6 animal passes और 113 underpasses बनाए गए हैं।

कनेक्टिविटी: यह दिल्ली, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और देहरादून को जोड़ता है, जिससे पश्चिमी यूपी में भी कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

सुविधाएं: रास्ते में फूड प्लाजा, पेट्रोल पंप और रेस्ट एरिया जैसी सुविधाएं हैं।

यह एक्सप्रेसवे भारतमाला परियोजना के तहत लगभग ₹12,000 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है। 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे की शुरुआत अक्षरधाम के पास से होगी. गीता कॉलोनी से इसका एलिवेटेड हिस्सा शुरू होकर शास्त्री पार्क, न्यू उस्मानपुर, खजूरी चौक, लोनी बॉर्डर और मंडोला होते हुए बागपत तक जा रहा है. इसके बाद बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर से गुजरते हुए हरिद्वार को जोड़ेगा और चार धाम हाईवे से जुड़ेगा, जिससे धार्मिक टूरिज्म और रीजनल एक्सेस को बढ़ावा मिलेगा.