Fast Food फास्ट फूड के शौक ने ले ली होनहार लड़की की जान

Fast Food चटपटे जंक फ़ूड के स्टाल रेस्टोरेंट पर आपने भीड़ तो देखी ही होगी जहाँ आजकल के युवा मोमोज़ , स्प्रिंग रोल , बर्गर , पिज्जा और नूडल्स का जमकर चटखारा लेते मिल जाते हैं।शादी ब्याह हो या जन्मदिन की पार्टी या स्कूलों के मेला यहाँ भी ये फूड्स पहली पसंद होते हैं। लेकिन ये आपकी सेहत को बर्बाद कर सकते हैं और आपकी जान भी ले सकते हैं यकीं न आये तो डॉक्टर्स से पूछ लीजिये या इस खबर को पढ़ लीजिये।

फास्ट फूड मतलब मौत को दावत ! Fast Food


उत्तर प्रदेश के अमरोहा में फास्ट फूड के सेवन से एक और मौत का मामला सामने आया है। यहां नीट की तैयारी कर रही 19 वर्षीय छात्रा इलमा कुरैशी की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुी। वह चुचैला कला गांव की रहने वाली थी। बताया गया कि इलमा को चाऊमीन-बर्गर समेत फास्ट फूड काफी पसंद थे। उसके दिमाग में गांठें बन गई थी। परिजन के अनुसार डॉक्टर ने बताया कि फास्ट फूड में प्रयोग होने वाली पत्ता गोभी के जरिए दिमाग में पहुंचे कीड़े ने गांठें बनाईं।

इलमा नदीम कुरैशी की बेटी थी जो नोएडा में काम करते हैं। उनकी बेटी को एक माह पहले ही सिरदर्द की शिकायत हुई थी। शुरुआती इलाज के बाद आऱाम मिल गया। बाद में फिर से दर्द हुई तो परिजन इलमा को नोएडा ले आए। निजी अस्पताल में उपचार हुआ और डॉक्टर ने एमआरआई और सीटी स्कैन की सलाह दी। रिपोर्ट के बाद दिमाग में गांठ बताई गई। कुछ दिन इलाज चला और इलमा को फिर से आराम मिल गया। बीते 18 दिसंबर को वह परिवार की शादी में शामिल होने गांव आई थी। यहां फिर उसकी तबीयत बिगड़ी तो परिजन उसे दिल्ली ले गए। यहां फिर से उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालांकि इलाज महंगा होने की वजह से बाद में परिजन उसे लेकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


ज्यादा खाना कैसे हो सकता है जानलेवा

बहुत ज्यादा और लंबे समय तक फास्ट फूड खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम को गंभीर नुकसान हो सकता है. आंतें खाने को ठीक से पचाने और पूरी सेहत बनाए रखने के लिए बैक्टीरिया के अलग-अलग बैलेंस पर निर्भर करती हैं. फास्ट फूड, खासकर जब लंबे समय तक बड़ी मात्रा में खाया जाता है, तो इसमें आमतौर पर सिंपल शुगर और सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जो नुकसानदायक बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जबकि फायदेमंद, फाइबर पसंद करने वाले बैक्टीरिया को भूखा रखता है. यह असंतुलन, जिसे डिस्बिओसिस कहा जाता है, आंतों की परत में पुरानी हल्की सूजन पैदा करता है. लगातार सूजन आंतों की रुकावट को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे आंतों की लीकी गट बढ़ जाती है, जिससे बिना पचे खाने के कण और बैक्टीरिया खून में चले जाते हैं, जिससे इम्यून रिस्पॉन्स और पूरे शरीर में सूजन शुरू हो जाती है.


ज्यादा फास्ट फूड खाने से आंतें चिपकती हैं

ज्यादा फास्ट फूड खाने से छात्रा आहाना के पेट में सूजन आ गई थी, जिससे उसकी आंतें आपस में चिपक गई थी. NHS की वेबसाइट के मुताबिक, इस स्थिति को एब्डोमिनल एडहेजन कहते हैं, जिसमें स्कार टिश्यू के बैंड बन जाते हैं. ये मुख्य रूप से सर्जरी, इन्फेक्शन, सूजन, चोट या रेडिएशन के बाद शरीर के ठीक होने की प्रक्रिया के कारण बनते हैं, जिससे अंग और टिश्यू आपस में चिपक जाते हैं. पेट की अंदरूनी परत में कोई भी गड़बड़ी, चाहे वह सर्जिकल कट हो, बाहरी चीजें हों, इन्फेक्शन हो या सूजन हो, कोलेजन के ज्यादा प्रोडक्शन को ट्रिगर करती है, जिससे ये रेशेदार कनेक्शन बनते हैं जो बाद में दर्द या आंतों में रुकावट पैदा कर सकते हैं.तो आप क्या ऎसी गलती करने वाले हैं या अपनी सेहत की फ़िक्र है आपको ?