देहरादून से आशीष तिवारी की रिपोर्ट –

Good News अगर देश का भला करना है तो ब्यूरोक्रेट्स को अपनी ज़िम्मेदारी के प्रति ईमानदार होना होगा। अगर प्रदेश का भला करना है तो प्रशासन को समान अवसर और संसाधन लोगों को देना होगा। लोक सेवक का दायित्व भी तो यही होता है जिसको चरितार्थ कर रहे हैं देहरादून के डीएम सविन बंसल .. जिसको समझना है तो उनके कामकाज का रिपोर्ट कार्ड देख लीजिये। जिला प्रशासन द्वारा सबसे ज्यादा जोर बच्चों के लिए सुलभ शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को साधन संपन्न बनाने पर दिया जा रहा है क्योंकि डीएम बंसल कहते हैं कि बढ़ेंगे बच्चे तभी आगे बढ़ेगा प्रदेश….
स्कूलों में बच्चे पढ़ेंगे महापुरुषों की जीवनी Good News

खेल मनोरंजन के साथ पढ़ाई भी, कॉमिक्स, मैगजीन — अब ऐसे में देहरादून जिले में उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोरवा (कालसी) तथा त्यूनी चकराता में दौरा कर वास्तविक हालात को देखा था। इसके बाद डीएम बंसल ने मौके पर ज़रूरी सुविधाओं और संसाधनों को उपलब्ध कराने का अधिकारियों को निर्देश दिए थे। उन निर्देशों पर अफसर कितने कदम आगे बढे हैं इसकी हकीकत जानने के लिए डीएम बंसल ने जिले में ‘‘प्राजेक्ट उत्कर्ष’’ की प्रगति की समीक्षा बैठक बुलाई और मुख्य शिक्षा अधिकारी सहित सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखने के निर्देश दिए। डीएम ने स्कूलों में पुराने जर्जर भवन के उपयोग पर रोक न लगाए जाने पर नाराजगी जताई और तत्काल उन्हें निष्प्रोज्य करने के निर्देश दिए।

आपको बता दें कि डीएम सविन बंसल ने फरवरी और जुलाई में विद्यालय के निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों पर अब तक की गयी कार्यवाहियों पर अफसरों से रिपोर्ट भी तलब की जिस पर बैठक में बताया कि केजीबीवी कोरवा में डिजिटल बोर्ड, 100 कुसी टेबल, 16सीसीटीवी कैमरा, 30 रूम हीटर, 4 वाटर प्यूरीफायर , रोटीमेकर, इन्टरनेट कनैक्शन वाईफाई, 19 डाईनिंग टेबल 150 कुर्सी की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। विद्यालय में कम्प्यूटर आपरेटर तथा सफाई के लिए कार्मिक रखे गए हैं जिनका वर्ष में 4 लाख मानदेय का प्राविधान किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि 4 वाशिंग मशीन, 1 रेफ्रीजरेटर, इन्वर्टर, 10 सीसीटीवी कैमरे, 150 जोड़ी ट्रेक सूट, जूते, तथा 2 सेनट्री मशीन खरीदने की प्रक्रिया गतिमान है। विद्यालय के 150 कुर्सी, 50 डबलडेकर बेड, 7 गीजर ओएनजीसी द्वारा दिए जा रहे हैं।

डीएम द्वारा केजीबीवी संशाधन एवं सुविधा बढाने के लिए 34.24 लाख धनराशि दी गई है। जिलाधिकारी ने छात्रावास में खेल मैदान का समतलीकरण, चाहरदीवारी पर कोबरा फेन्सिंग एवं प्रवेश द्वार की दीवार में हो रहे धंसाव में मरम्मत कार्यों की स्थिति जाने पर बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा रिपोर्ट तैयार की गयी है। छात्रावास में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान को निर्देश दिए गए तथा वाटरहार्वेस्टिंग करने के निर्देश दिए। छात्रावास की बालिकाओं को स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

पढ़ाई के साथ कौशल विकास का प्रयास — प्रोजेक्ट उत्कर्ष प्रथम चरण अन्तर्गत 46 विद्यालयों विद्युत संयोजन, 1248 में वाईटबोर्ड, 348 में पानी की टंकी, 754 में मंकी नेट, 246 में झूले, 337 में बेबी स्लाईड, 46 में बॉलीबॉल कोर्ट, 109 में बैडमिंटन कोर्ट, 93 में वॉलपेंटिंग; 39 प्रारम्भिक व 45 माध्यमिक विद्यालय को फर्नीचरयुक्त किया गया है। तथा स्कूलों में प्रत्येक कक्षा कक्ष में एलईडी स्क्रीन लगाने की प्रक्रिया पूर्व से गतिमान; जैम पर बिड फ्लोटेड कर दी गई है। स्कूलों में सुविधा हेतु प्राजेक्ट उत्कर्ष अन्तर्गत जिलाधिकारी ने 1 करोड़ धनराशि मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्वतन पर रखी है, जिसमें विकासखण्डवार प्रथम चरण में 94 लाख धनराशि तथा द्वितीय चरण में 97.80 लाख धनराशि आंवटित की गई है।

समाचार पत्रों के माध्यम से देश दुनिया से रूबरू रहेंगे बच्चे — जिलाधिकारी की पहल पर प्रत्येक स्कूल में न्यूज़पेपर, मैगज़ीन, शब्दकोश और महापुरुषों की जीवनियाँ अनिवार्य रखे जाने के निर्देश दिए ताकि बच्चे व्यवसायिक शिक्षा के साथ ही महापुरूषों की जीवनी से परिचित हो सके। जिलाधिकारी बंसल ने स्कूलों की कक्षाओं में मूलभूत सुविधा, लाईट, पानी, पेयजल, शौचालय उपलब्ध हों पानी की टंकियों की मरम्मत सफाई एवं सुरक्षा हेतु इंतजाम के साथ ही गुणवत्तायुक्त पोष्टिक भोजन सुनिश्चित करने हेतु मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं सम्बन्धित खण्ड एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निरंतरता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं जिससे स्टूडेंट्स को शिक्षा ग्रहण करने में कोई समस्या न आये। उम्मीद की जानी चाहिए कि डीएम की ये नेक कोशिशे रंग लाएंगी और बच्चों को बेहतरीन स्कूल में सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया होती रहेगी।
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