Mobile Sickness वॉट्सऐप (WhatsApp) के फैमिली ग्रुप का मैसेज हो या फिर जोमैटो से कोई ऑफर। फोन पर सोशल मीडिया या दूसरे ऐप्स के नोटिफिकेशन्स हर कुछ मिनट में आपका ध्यान भटकाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फोन साइलेंट मोड पर हो या न हो, आप अपने काम से डिस्ट्रैक्ट हो ही जाते हैं। आइए जानते हैं ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है…
Mobile Sickness व्यक्ति हर 15 मिनट में फोन देखता है

- एक अनुमान के मुताबिक, हम एक दिन में औसतन 85 बार अपना फोन चेक करते हैं। इसका मतलब हर 15 मिनट में एक बार। यानी हर 15 मिनट में हमारा दिमाग काम से हटकर फोन में लग जाता है। ध्यान तो आसानी से भटक जाता है, लेकिन उसे वापस पाना काफी मुश्किल होता है। फोन में बार-बार बजने वाली घंटी दो तरह से हमारा ध्यान भटकाती है। पहले को एक्सोजेनस इंटरप्शन कहते हैं और दूसरे को एंडोजेनस इंटरप्शन। एक्सोजेनस इंटरप्शन तब होता है जब फोन पर कोई नोटिफिकेशन आता है। इससे हम एक्साइटेड हो जाते हैं। यह उत्सुकता और खुशी वैसी ही होती है जैसी लोगों को जुआ खेलते समय होती है।

Mobile Sicknessफोन चेक करने से तनाव बढ़ रहा
- Mobile Sickness एक्सपर्ट का कहना है कि बार-बार फोन चेक करने से लोगों में स्ट्रेस बढ़ रहा है। नोटिफिकेशन पर प्रतिक्रिया न देने से लोग विचलित हो जाते हैं। उनका ध्यान काम में नहीं लगता। उनमें प्रोडक्टिविटी और फोकस की कमी हो जाती है। एक बार डिस्ट्रैक्ट होने के बाद काम पर वापस ध्यान नहीं लगता, तो मन में गिल्ट और फ्रस्ट्रेशन भर जाता है।
Mobile Sickness बार-बार फोन चेक करने से कैसे बचें?

Mobile Sickness जिन ऐप्स के नोटिफिकेशन्स काम के नहीं हैं, उन्हें बंद कर दें।
रात में फोन को दूसरे कमरे में रखें। इससे आपकी नींद खराब नहीं होगी।
फोन चेक करने की इच्छा से लड़ें। खुद से पूछें कि ऐप्स खोलना जरूरी है या नहीं।
फोन चलाने को रिवॉर्ड समझें। कम से कम 25 मिनट काम में ध्यान लगाएं और फिर ब्रेक लेकर फोन चेक करें।
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