NEET पेपर लीक: पुणे से लेकर लातूर तक CBI की ताबड़तोड़ पूछताछ

नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। गुरुवार को एजुकेशनल कंसल्टेंसी संचालक शुभम खैरनार, निलंबित जूनियर कॉलेज शिक्षिका मनीषा मंधारे, ब्यूटी पार्लर मालकिन मनीषा वाघमारे और लातूर के एक बाल रोग विशेषज्ञ इस मामले के केंद्र में आ गए। सीबीआई अब मामले से जुड़े पैसों के मनी ट्रेल, डिजिटल फुटप्रिंट्स और संदिग्ध लाभार्थियों की बढ़ती सूची की पड़ताल कर रही है।सीबीआई पूछताछ के लिए खैरनार को पुणे लेकर आई है। वहीं, 3 मई को हुई मेडिकल प्रवेश परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक करने और उसे आगे फैलाने में कथित भूमिका को लेकर मंधारे और वाघमारे से भी फिर से पूछताछ की गई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने संसदीय समिति को बताया कि उसका मानना है कि उनके सिस्टम के जरिए पेपर के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मामले में सीबीआई अंतिम निष्कर्ष देगी। गौरतलब है कि 22 लाख से अधिक छात्रों ने नीट-यूजी परीक्षा दी थी, जिसे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को एनटीए ने रद कर दिया था।

पेपर खरीदने वाले डॉक्टर की जांच

सीबीआई लातूर के एक बाल रोग विशेषज्ञ की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस डॉक्टर पर लातूर के सेवानिवृत्त केमिस्ट्री लेक्चरर, प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी के माध्यम से अपने बच्चे के लिए लीक पेपर हासिल करने का संदेह है। जांचकर्ताओं ने कुलकर्णी को ही इस लीक का मुख्य स्रोत बताया है। सीबीआई के अधिकारी ने कहा कि हम मामले में उसकी संलिप्तता स्थापित करने के लिए उससे पूछताछ कर रहे हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि डॉक्टरों सहित कई माता-पिता ने प्रश्न पत्र पहले से प्राप्त करने के लिए भारी रकम चुकाई थी। कई जिलों में कई परिवारों से पूछताछ की गई है, जबकि कुछ संदिग्ध अभी भी एजेंसी की निगरानी में हैं।

बिचौलियों का नेटवर्क और मनी ट्रेल

आरोपी खैरनार एक एजुकेशनल कंसल्टेंसी चलाता था जो एमबीबीएस, बीडीएस, बीएचएमएस और अन्य मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों का मार्गदर्शन करती थी। सीबीआई पहले गिरफ्तार किए गए पुणे स्थित एक आरोपी के साथ उसके संबंधों की जांच कर रही है और यह पता लगा रही है कि क्या उसने उम्मीदवारों और पेपर लीक करने वाले नेटवर्क के बीच एक माध्यम के रूप में काम किया था। पुणे के मॉडर्न कॉलेज से जुड़ी और एनटीए से संबद्ध मंधारे से उसकी पड़ोसी वाघमारे के साथ इस बात पर पूछताछ की जा रही है कि लीक हुए पेपर कैसे प्राप्त किए गए और उन्हें उम्मीदवारों तक कैसे पहुंचाया गया। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई का पूरा ध्यान अब वित्तीय लेनदेन, डिजिटल संचार रिकॉर्ड और बिचौलियों की पूरी चेन को खंगालने पर है।