Satpal Maharaj महाराज के युवराज सुयश चौबट्टाखाल में सक्रिय !

Satpal Maharaj धीरे – धीरे उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। विधायक हों या मंत्री उनकी अपनी विधानसभा में सक्रियता और उद्घाटनों की सरगर्मी बढ़ने लगी है। इस दरम्यान कई ऐसी सीट हैं जहाँ अंदरखाने भाजपा के सूत्र बदलाव की संभावना की ओर इशारों इशारों में कुछ कह भी रहे हैं। बीजेपी मुख्यालय में गुनगुनी धुप सेंकते हुए पार्टी संगठन के नेताओं की माने तो पार्टी युवाओं पर इस बार दांव लगाए सकती है। ऐसे में कई बार के विधायक , बुजुर्ग विधायकों को टिकट मिलेगा ही , ये दावा करना मुश्किल है। ऐसे में मसूरी में नेहा जोशी , मनवीर सिंह चौहान का अपने क्षेत्र में सक्रिय होना और चौबट्टाखाल में सुयश रावत का जनता के बीच कार्यक्रमों में शामिल होना नई सम्भवनाओं की ओर इशारा कर रहे हैं। ऐसे में बात महाराज के युवराज की करते हैं।

Satpal Maharaj

उत्तराखंड व‍िधानसभा चुनाव 2022 में पौड़ी जिले की चौबट्टाखाल विधानसभा सीट पर बीजेपी नेता सतपाल महाराज ने प्रचंड जीत दर्ज की थी। सबसे अनुभवी नेता और कई बड़े विभागों के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बीते चुनाव में 11 हजार से ज्‍यादा वोट से कांग्रेस प्रत्‍याशी केस‍र स‍िंह नेगी को हराया था और तब से यहाँ महाराज का दबदबा बढ़ता ही गया है।

इस सीट का अधिकतर हिस्सा वर्ष 2002 से 2012 तक बीरोंखाल विधानसभा में शामिल था। यह सीट वर्ष 2012 के परिसीमन से पहले बीरोंखाल सीट का हिस्सा रही थी। बीरोंखाल सीट से 2002 और 2007 में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत लगातार कांग्रेस से विधायक रहीं। वर्ष 2012 के परिसीमन से बनी चौबट्टाखाल में पहली बार बीजेपी के तीरथ सिंह रावत विधायक बने। साल 2016 में जब कांग्रेस से मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश अधूरी रहने पर सतपाल महाराज ने बीजेपी में एंट्री मारी तो साल 2017 के चुनाव में सतपाल महाराज बीजेपी से इस सीट से चुनाव जीत गए। यह सीट मतदाताओं के लिहाज से पूर्व सैनिक मतदाताओं की बहुलता वाली सीट है। इस सीट पर बीते चुनाव में कुल लगभग 90,875 मतदाता थे।

जानिए सुयश रावत कौन हैं ?

सुयश रावत राजनीतिज्ञ और आध्यात्मिक गुरु सतपाल सिंह रावत के पुत्र हैं, जिन्हें सतपाल महाराज के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म एक राजनीतिक और आध्यात्मिक परिवार में हुआ । सुयश के दादा-दादी प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, योगीराज परमसंत श्री हंस जी महाराज और जगत जननी राजेश्वरी देवी थे। उनके चाचा ‘प्रेम रावत’ एक प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता हैं। सुयश की माँ भी भाजपा (भारतीय राजनीतिक दल) की एक राजनीतिज्ञ हैं। 2012 में, उनके बड़े भाई ‘श्रद्धेय रावत’ का विवाह हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की रिश्तेदार आराध्या सिंह से हुआ। विवाह स्थल हरिद्वार का बैरागी कैंप था, जहाँ कुंभ मेला लगता है।

वह तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने प्रसिद्ध भारतीय टीवी अभिनेत्री और रीवा, मध्य प्रदेश की राजकुमारी  मोहिना कुमारी सिंह से सगाई की । 8 फरवरी 2019 को, उन्होंने गोवा के ताज हॉलिडे विलेज रिज़ॉर्ट में एक निजी समारोह में अंगूठियों का आदान-प्रदान किया। 14 अक्टूबर 2019 को, सुयश और मोहिना ने उत्तराखंड के हरिद्वार में शादी के बंधन में बंध गए। यह एक भव्य शाही शादी थी जिसमें विभिन्न राज्यों के राजनेताओं और बाबा रामदेव , उर्वशी रौतेला और कैलाश खेर सहित टीवी और हिंदी फिल्म उद्योग की हस्तियों ने भाग लिया था। शाइनिंग समाचार के साथ बातचीत के दौरान संभावनाओं और सूत्रों के इस खबर में इनपुट्स भाजपा मुख्यालय की कानाफूसी पर आधारित है।