Shravan Das Rape मेरे पास कपड़े उतार दिया करो – पापी बाबा

Shravan Das Rape बिहार के एक और मशहूर कथावाचक को पुलिस ने रेप के आरोप में गिरफ्तार किया है। कथावाचक पर एक नाबालिग ने शादी का झांसा देकर हवस पूरी करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बता दें कि ये पहला मामला नहीं है, जब किसी कथावाचक को रेप के आरोप में जेल भेजा गया है, इससे पहले भी आसाराम, गुरमित राम रहीम जैसे कई कथावाचकों को रेप के आरोप में जेल भेजा जा चुका है।

मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता की मां ने 19 दिसंबर 2025 को महिला थाने में आरोपी श्रवण दास महाराज के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पीड़िता की मां की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में उसने बताया कि आरोपी ने पीड़िता को दो बार अबॉर्शन करवाने के लिए दवा भी खिलाई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। काफी इलाज के बाद उसकी हालत ठीक हुई।

पीड़िता की मां के अनुसार, कथावाचक ने हमारे घर में ही किराए पर कमरा ले रखा था और घर में किसी के नहीं रहने पर नाबालिग के साथ गलत कृत्य करता था। इस संबंध में मंदिर के महंत और आरोपी श्रवण दास महाराज के गुरू मौनी बाबा को जानकारी दी गई, तो उन्होंने कथित रूप से आश्वासन दिया कि लड़की के बालिग होने पर दोनों की शादी करवा दी जाएगी।

किराए पर ले रखा था मकान

पीड़िता ने बताया कि, ‘श्रवण दास खुद पचाढ़ी स्थान के महंत राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा के शिष्य हैं। वीआईपी रोड, श्रीराम जानकी मंदिर पचाढ़ी छावनी वार्ड-42 में रहता हैं। 3 जून 2023 को एक कार्यक्रम में मेरी मां से श्रवण दास ने मोबाइल नंबर लिया। उसके बाद वो मुझसे फोन पर बातचीत करने लगा। 24 फरवरी 2024 से अचानक वो मेरे घर आया और मां से किराए पर कमरा मांगा। फिर मेरे घर पर ही किराया देकर रहने लगा। 2 मार्च 2024 को घर में अकेले पाकर शादी का झांसा देकर मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद जब भी घर में मैं अकेले होती, मेरे साथ जबरदस्ती संबंध बनाता था। ऐसा कई बार हुआ।’

मंदिर में भी बनाया संबंध

नाबालिग पीड़िता ने आगे बताया कि, इसके बाद हम चोरी छिपे मिलता रहा। वो अक्सर मुझे अकेले में बुलाता और मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाता था। कहता था तुम बहुत लकी हो जो मैंने तुम्हें छुआ है। मैंने तुमसे प्रेम किया है। कभी वो मेरे घर आता तो कभी मंदिर में बुलाता। हमारे रिश्ते के बारे में घर के साथ गांव को भी धीरे-धीरे पता चलता जा रहा था। एक दिन मैं उनके पास गई और कहा कि क्या हम अब शादी नहीं कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि तुम 17 साल की हो। अभी नाबालिग हो। बालिग हो जाओ फिर शादी का सोचेंगे। अभी तो तुम बस मेरी आज्ञा मानो। मेरी सेवा करो। जितनी सेवा करोगी उतना फल मिलेगा।

वो मुझसे कहता था कि तुम मुझे बिना कपड़ों के ज्यादा अच्छी लगती हो, इसलिए मेरे पास आओ तो कपड़े उतार ही दिया करो। मैं कथावाचक समझकर उसकी सेवा कर रही थी। मुझे भरोसा था कि समय आने पर वो मुझसे शादी कर लेगा, लेकिन उन्होंने शादी से इनकार कर दिया। शाइनिंग उत्तराखंड न्यूज़ इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता है ये खबर मात्र मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। पाठक अपने विवेक का प्रयोग करें।