देहरादून से अनीता आशीष तिवारी की रिपोर्ट –

Uttarakhand Andolankari सैकड़ों विधायक हुए , दर्जनों हुए सीएम , कभी कांग्रेस कभी भाजपा ने किया राज लेकिन but इन्साफ की गुहार लगाते बुजुर्गों को आज भी न्याय का इंतज़ार है। ये कोई कहानी नहीं इन बूढी और मायूस आँखों में छलकते आंसुओं का वो कड़वा सच है जो सरकार की पहुँच से आज भी दूर है। उम्मीद की लौ जगाये ये बुजुर्ग दम्पति जब समाजसेवी सूर्यकान्त धस्माना के दफ्तर की सीढिया चढ़ रहे थे तो किसी ने धीरे से उनके कानों में कहा अब फ़िक्र मत करिये दादा जी आपको न्याय ज़रूर मिलेगा।
सूर्यकान्त करेंगे बुजुर्ग संग सीएम से वार्ता Uttarakhand Andolankari

जिस राज्य की सत्ता पाने को सभी लालायित रहते हैं , जिस पहाड़ की दुहाई देकर लोग नेता , विधायक , मंत्री और सीएम बन जाते हैं उसी राज्य उत्तराखंड के बनने के 24 साल बाद भी एक चिन्हित आंदोलनकारी अपने सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है। दरअसल actually नेताओं की चौखट पर भटकते भटकते आज राज्य आंदोलनकारी सुनीता देवी अपने वृद्ध पति तेग सिंह के साथ समाजसेवी सूर्यकान्त धस्माना के दफ्तर पहुंची थी जहाँ वो अपनी पीड़ा और निराशा का कसैला सच सुनाते सुनाते रो पड़ी और खुद सूर्यकांत भी भावुक हो उठे फिर फैसला हुआ की तुरंत सीएम धामी से इन बुजुर्गों को मिलवाया जायेगा और उनकी टूटी आस पूरी की जाएगी


धामी सरकार की संवेदनशीलता साबित होगी
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