Uttarakhand अब शहरवासियों को जलभराव की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग ने मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार किया है। करीब 547 करोड़ की लागत से इस प्लान को धरातल पर उतारा जाएगा। विभाग की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा। ड्रेनेज के लिए 10 पंपिंग स्टेशन और 18 जगहों पर साइफन बनाए जाएंगे। ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं होने से बरसात में काशीपुर शहर के कई इलाके बाढ़ में डूब जाते हैं। अधिकांश सड़कें बारिश में लबालब हो जाती हैं। तब हर कोई इसके लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराता था।
547 करोड़ के मास्टर ड्रेनेज प्लान Uttarakhand

प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए तैयारी कर ली है। जलभराव की समस्या को देखते हुए अब मास्टर ड्रेनेज प्लान सिंचाई विभाग की ओर से तैयार किया गया है। बता दें कि वर्ष 1975 में जब ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया था तब शहर की आबादी करीब 70 हजार थीं। अब आबादी बढ़कर तीन लाख के पार हो चुकी है।
शहर की नालियों की क्षमता बढ़ेगी
ड्रेनेज के लिए शहर में बनाई गई नालियां काफी छोटी हैं और कई जगहों पर टूट भी गई है। नए ड्रेनेज प्लान के तहत शहर के अंदर सभी नालियों को चौड़ा कर पानी निकासी की क्षमता बढ़ाई जाएगी। जिन स्थानों पर पानी की निकासी नहीं है वहां पर नालियों का निर्माण किया जाएगा।

इन स्थानों पर होता है जलभराव
शहर के हालात आज किसी से छिपे नहीं हैं। यदि दो दिन लगातार बारिश हो जाए तो जल निकासी के लिए कोई जगह नहीं है। घुटनों तक पानी और लबालब कीचड़ से भरी सड़कें इसकी गवाही देती हैं कि अब बुरे दिनों की शुरुआत हो चुकी है। काशीपुर में मुख्य बाजार, नया और पुराना बाजार, सुभाषनगर, टांडा उज्जैन, जसपुरखुर्द, बाजपुर रोड, सुभाषनगर, महुखेड़ागंज, महेशपुरा, रामनगर रोड आदि स्थानों पर बरसात में जलभराव होता है।

काशीपुर शहर में जलभराव की समस्या को देखते हुए ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद शहर में ड्रेनेज प्लान के तहत कार्य किए जाएंगे।

