Uttarakhand SIR प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। प्री एसआईआर शुरू हो चुका है। अब मतदाताओं को जागरूक करने और अभियान को गति देने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय बूथ अवेयरनेस कैंप (बैग) का गठन करने की तैयारी कर रहा है। इसमें बूथ स्तर पर जागरूकता बढ़ाने को बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ, सरकारी कर्मचारी व बीएलए को शामिल किया जाएगा। बैग एसआईआर के दौरान मतदाता सूची के सत्यापन में बीएलओ की मदद भी करेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जिलों के हर बूथ में बैग गठित करने के निर्देश दिए हैं।
विधानसभा चुनाव में एक साल से अधिक का समय Uttarakhand SIR

प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के फरवरी अंत अथवा मार्च से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। एसआईआर में मतदाता सूची का नए सिरे से सत्यापन किया जाना है। उद्देश्य यह कि मतदाता सूची में सभी पात्र व्यक्तियों को शामिल किया जा सके और सूची में मतदाताओं के दोहराव से भी बचा जा सके। इसके लिए इस समय प्री एसआईआर शुरू हो गया है। बीएलओ वर्ष 2003 की मतदाता सूची का वर्ष 2005 की मतदाता सूची से मिलान कर रहे हैं। इस कार्य को लेकर मतदाताओं के मन में कई शंकाएं भी जन्म ले रही हैं। मतदाताओं की इन शंकाओं के समाधान और जागरूकता के लिए अब बैग गठित होगा।
राज्य में विधानसभा चुनाव 2027 में जनवरी-फरवरी में हो सकते हैं, उससे पहले SIR का काम पूरा किया जाएगा
राज्य में 11,733 बूथ हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी केवल 4,155 बूथ लेवल एजेंट ही नियुक्त किए हैं

इसमें बीएलओ सुपरवाइजर पांच से 10 बूथ तक में अध्यक्ष होगा। सभी बीएलओ इसमें सदस्य सचिव की भूमिका में रहेंगे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के ग्रुप सी स्तर के कार्मिक इसके सदस्य रहेंगे। सभी पार्टियों के बीएलए को इसमें विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में अभी एक साल से ज्यादा का समय है. उत्तराखंड में 2027 की जनवरी या फिर फरवरी के महीने में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. उत्तराखंड में इलेक्शन कमिशन इसी के मद्देनजर वोटर लिस्ट के गहन रिवीजन में जुट गया है. इसके लिए भी साल 2003 की मतदाता सूची को आधार रखा गया है. निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे उत्तराखंड में अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करें ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण किया जा सके.

