Winter Char Dham Yatra श्री ओंकारेश्वर मंदिर में है प्रथम केदार भगवान

Winter Char Dham Yatra रुद्रप्रयाग में ओंकारेश्वर मंदिर की अपनी अलग महिमा है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. समुद्र तल से 1311 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद ऊखीमठ में मौजूद ओंकारेश्वर मंदिर को प्रथम केदार भगवान माना जाता है. दूसरे केदार भगवान मध्यमेश्वर का शीतकालीन गद्दीस्थल भी ऊखीमठ में ही है. इसे पंचगद्दी स्थल के नाम से भी जाना जाता है.

श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में शीतकालीन यात्रा का विधिवत मंत्रोच्चारण और वैदिक अनुष्ठानों के साथ अत्यंत भव्य शुभारंभ किया गया। यात्रा प्रारंभ होने से पहले जीएमवीएन ऊखीमठ परिसर से मंदिर तक महिला मंगल दल, युवा मंगल दल और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-दमाऊं और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे मार्ग को आध्यात्मिक रंगों में रंग दिया। यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर और जयकारों के साथ प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

Winter Char Dham Yatra

मंदिर प्रांगण में गुंजी भक्ति की स्वरलहरी Winter Char Dham Yatra

मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कार्यक्रम में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बदरी–केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, तथा जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने विधिवत पूजा-अर्चना कर शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया। पूजा-अर्चना के दौरान जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा भावपूर्ण स्वर में प्रस्तुत किए गए शिव भजनों ने वातावरण को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया। उपस्थित भक्तों ने ताल और स्वर के साथ भजनों में सहभागिता निभाई।

 


डीएम ने बताया कि शीतकालीन यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियाँ पहले से ही पूरी कर ली हैं।उन्होंने कहा “सड़क, पेयजल, विद्युत, पार्किंग और सुरक्षा इंतज़ामों को पूरी तरह दुरुस्त किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।”उन्होंने यह भी कहा कि शीतकालीन यात्रा से स्थानीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलता है, जिससे होटल, परिवहन, दुकानों और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े लोगों की आजीविका सुदृढ़ होती है।मंदिर प्रांगण में आयोजित कीर्तन में कीर्तन मंडल ने भावपूर्ण रचनाएँ पेश कर माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया।


ओंकारेश्वर मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के उखीमठ में स्थित एक पूजनीय तीर्थस्थल है । 1,300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह मंदिर, केदारनाथ धाम के देवता का शीतकालीन निवास स्थान है। शीत ऋतु (नवंबर-अप्रैल) में, जब केदारनाथ मंदिर  बर्फ से ढक जाता है, तो देवता को ओंकारेश्वर मंदिर में लाया जाता है और वहाँ उनकी पूजा की जाती है।सुंदर नक्काशी और बेहद मजबूत संरचना वाला ये मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बेहद मान्यता रखता है.