ईरान और अमेरिका (Iran-US War) के बीच जारी जंग से पश्चिम एशिया समेत पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव है और इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ रहा है। क्योंकि, मार्केट में डर और अस्थिरता बढ़ रही है। भारत में India VIX 2 दिन में 50 फीसदी उछल गया है। हालांकि, 5 मार्च को इसमें 10 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है, और यह 18.91 पर आ गया है। क्या आप जानते हैं इंडिया विक्स क्या है और इसका बढ़ना शेयर बाजार के लिए क्यों बुरा या अशुभ माना जाता है।
दरअसल, इंडिया विक्स, शेयर बाजार के लिए एक अहम टूल है। एक तरह से इसे मार्केट की नब्ज टटोलने वाला यंत्र भी कह सकते हैं। आइये आपको समझाते हैं कि आखिर इंडिया विक्स क्या होता है और निवेशकों के लिए यह क्या मायने रखता है?
क्या है India VIX?
इंडिया विक्स, एक वॉलेटिलिटी इंडेक्स है, जो शेयर बाजार की अस्थिरता (वॉलेटिलिटी) को मापने का तरीका है। बाजार में कितनी अस्थिरता है इसका पता इंडिया विक्स में उतार-चढ़ाव से लगता है। इंडिया विक्स पर नजर रखना निवेशकों के लिए बहुत जरूरी है , क्योंकि बाजार में ज्यादा अस्थिरता रहने से अक्सर बड़ा नुकसान होता है।
कैसे काम करता है India VIX
हायर VIX, बाजार में डर और अनिश्चितता का संकेत देता है, जबकि लोअर VIX मार्केट में स्थिरता को दर्शाता है।
इंडिया विक्स का कैलकुलेशन Nifty 50 ऑप्शन प्राइसेज की इंपलाइड वॉलेटिलिटी का उपयोग करके किया जाता है।
इंडिया विक्स के कैलकुलेशन में 5 फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाता है, स्ट्राइक प्राइस, शेयर का मार्केट प्राइस, एक्सपायरी डेट, रिस्क-फ्री रिटर्न और अस्थिरता।
शेयर बाजार में काम करने वाला हर अनुभवी ट्रेडर और इन्वेस्टर, रिस्क मैनेजमेंट के लिए इंडिया VIX पर जरूर ध्यान देते हैं। अगर इंडिया विक्स स्थिर है तो निवेशक राहत के साथ सौदे करते हैं, वहीं अस्थिर होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं।
इंडिया विक्स यानी वॉलेटिलिटी इंडेक्स 4 मार्च को 23 फीसदी उछलकर 21.14 पर बंद हुआ था, जो 9 मई, 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि वॉलेटिलिटी इंडेक्स में आई तेज़ी से बाज़ार में डर और बढ़ा है। हायर VIX आमतौर पर शेयरों में मंदी का संकेत देता है। इंडिया विक्स को 2008 में बाजार में लागू किया गया था।

