पति-पत्नी की जोड़ी ने बनाना शुरू किए टॉक्सिन फ्री बेबी प्रोडक्ट्स, आइडिया हुआ सक्सेस

अकसर कस्टमर कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बनाने के प्रोसेस को लेकर चिंता में रहते हैं। यही वजह है कि लोग अब ऐसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को खरीदना पसंद करते हैं, जो ऑर्गेनिक हों, नेचुरल तरीके से बनाए गए हों और टॉक्सिन या दूसरे केमिकल्स से फ्री हों। इसी आइडिया के साथ गजल अलघ और वरुण अलघ ने एक कंपनी शुरू की और वे इसी से अरबपति बन गए।

बच्चों के लिए सेफ प्रोडक्ट्स
दंपति गजल और वरुण अलघ ने सेफ बेबी प्रोडक्ट्स बनाने का सोचा, जिसने उन्हें मामाअर्थ शुरू करने के लिए प्रेरित किया। मामाअर्थ की पैरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर है, जिसकी मार्केट कैपिटल 9,523.57 करोड़ रुपये है। होनासा कंज्यूमर एक लिस्टेड कंपनी है।

कैसे आया आइडिया?
कपल ने इंडियन मार्केट में सुरक्षित, नेचुरल बेबी केयर प्रोडक्ट्स की कमी महसूस की। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें अक्सर सिर्फ महंगे इंपोर्टेड या केमिकल वाले ऑप्शन ही मिलते थे। इसीलिए उन्होंने कंज्यूमर डिमांड को पूरा करने के लिए, टॉक्सिन-फ्री, मेड सेफ-सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स के लिए होनसा कंज्यूमर के तहत मामाअर्थ लॉन्च किया।
गजल के प्रोडक्ट विजन को वरुण के FMCG और ब्रांड मैनेजमेंट के अनुभव का साथ मिला और दोनों ने मिलकर कामयाबी हासिल की।

गजल ने कई जगह की जॉब
गजल ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में चंडीगढ़ में NIIT में एक कॉर्पोरेट ट्रेनर के तौर पर की थी। उन्होंने अलग-अलग कंपनियों के कर्मचारियों को Oracle, SQL और J2ME जैसे सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन में ट्रेनिंग दी।

वरुण ने कहां से शुरू किया करियर?
पढ़ाई पूरी करने के बाद, वरुण 2007 में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड में शामिल हो गए। पहले साल उन्होंने बिजनेस लीडरशिप ट्रेनी के तौर पर काम किया। वह इस एक साल के ट्रेनिंग प्रोग्राम का हिस्सा रहे थे। इसके बाद वरुण ने लैक्मे और लाइफबॉय के साथ मार्केटिंग में छह महीने बिताए। उन्होंने अगले छह महीने नॉर्थ इंडिया में कस्टमर मार्केटिंग और सेल्स में बिताए।
फिर वरुण और गजल ने मिलकर साल 2016 में मामाअर्थ की शुरुआत की। उन्होंने नए माता-पिता के तौर पर अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए सुरक्षित, टॉक्सिन-फ्री बेबी केयर प्रोडक्ट्स पर फोकस करते हुए कंपनी बनाई।