देहरादून से अनीता तिवारी की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट –

Uttarakhand Goverment एक तरफ तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबी बैठक कर राज्य के विकास की गाथा सुना रहे थे वहीं दूसरी तरफ उन्हीं की कैबिनेट में मंत्री जी बीच सड़क हाथापाई में उलझे थे। अपनी ही विधान सभा में कद्दावर मंत्री का ये वीडियो बहुत कुछ बता रहा है वो भी तब जब एक मंत्री का आकस्मिक निधन होने से सरकार गमगीन है। ये पहला मौक़ा हरगिज़ नहीं जब सीएम धामी के लिए माननीय टेंशन की वजह बने हों। हालांकि यह कहना थोड़ा ज्यादा होगा लेकिन सच तो यह है कि कैबिनेट के कमरे में कुछ तो असहज है ।
Uttarakhand Goverment मंत्री जी बीच सड़क हाथापाई में उलझे

Uttarakhand Goverment अंदरखाने खबर तो यह भी है कि जब से उत्तराखंड विधानसभा में भर्ती घोटाला सामने आया है उसके बाद से ही कुछ मंत्री और कुछ विधायक अलग गोलबंदी में जुट गए थे । जिसकी कहीं ना कहीं भनक सरकार को भी लग चुकी है । ऐसे में अपनी कैबिनेट के तमाम वरिष्ठ मंत्रियों का भरोसा भले ही मुख्यमंत्री सौ फीसद न जीत पाए हो लेकिन पार्टी और प्रधानमंत्री के मजबूत भरोसे के सहारे अगर धामी सरकार कोई कठोर फैसले ले ले तो हैरानी नहीं होगी ।

Uttarakhand Goverment दरअसल पहाड़ की उबड़ खाबड़ राजनीति की चाल को समझने वाली यह कह रहे हैं कि उत्तराखंड में अब तक जितनी भी सरकारी रही हैं उसमें मुख्यमंत्री हमेशा या तो ब्यूरोक्रेसी के दबाव में रहे या विधायकों और कैबिनेट के मंत्रियों के कारगुज़ारी से बैकफुट पर रहे हैं । अब युवा और आक्रामक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस छवि को तोड़कर बाहर निकलना चाहते हैं। जिसके लिए उन्होंने पहले भर्ती घोटाले की फाइल खोली उसके बाद सरकारी नौकरियों में चल रहे गड़बड़झाले पर जांच कराकर संदेश दे दिया कि अपराधी घर के लोग हों या बाहर के उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

Uttarakhand Goverment लेकिन जनाब सरकार तो विधायकों और मंत्रियों के सामूहिक प्रयास से चलती है। ऐसे में मनमुटाव विद्रोह में बदल जाए यह खुद मुख्यमंत्री भी नहीं चाहेंगे।अब बात करते हैं उन मंत्रियों की जो कद्दावर है , अनुभवी और मजबूत है लेकिन फिलहाल सरकार में अलग-अलग मौकों पर अपनी आवाज भी मुखरता से उठाते रहते हैं । बात करते हैं धामी सरकार में नंबर टू के सबसे कद्दावर मंत्री की तो वह सतपाल महाराज है जो ब्यूरोक्रेसी में एसीआर के मुद्दे पर खुल कर मोर्चा खोल चुके हैं । गाहे-बगाहे वह ब्यूरोक्रेसी को भी आड़े हाथों लेते हैं और आक्रामक कार्यशैली के लिए हमेशा चर्चाओं में रहते हैं।

Uttarakhand Goverment वही बात करें महिला कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की तो उनकी ब्यूरोक्रेसी से अदावत पुरानी है बीते दिनों भर्तियों के नाम पर उनकी भी एक पर्ची वायरल हो गई थी जिस पर मंत्री जी की जमकर फजीहत हुई थी। इसी के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और मौजूदा कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का तो जैसे विवादों से चोली दामन का साथ हो गया है ।पहले भर्ती घोटाला सामने आया और उनके इस्तीफे का जमकर माहौल बनाया गया । हालांकि बात ठंडी पड़ गई और वह अपने कामकाज में जुटे रहे। लेकिन ताजा घटनाक्रम में जिस तरह से एक वीडियो बाजार में दौड़ रहा है उसने एक बार फिर मंत्री जी की जमकर फजीहत करा दी है। जिस पर अब सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी तनाव में आ गए हैं और उन्हें हाजिर होने का फरमान सुना दिया है ।

Uttarakhand Goverment ऐसे में तीन दिग्गज कैबिनेट मंत्रियों की यह अलग-अलग चाल मौजूदा सरकार की रफ्तार पर ब्रेक लगाती नजर आ रही है । दूसरी तरफ अब कैबिनेट मंत्रियों के नाम पर कुछ पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं और ऐसे में मौजूदा मंत्रियों से पैदा हुए तनाव भरे हालात में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किस तरह से खाली कुर्सी पर किसे बिठाते हैं यह बहुत बड़ा सवाल है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में चमत्कारिक सीएम धामी किस तरह से अपनी मजबूती और किलेबंदी को पुख्ता करती है और दरअसल यही होगी असली अग्निपरीक्षा युवा मुख्यमंत्री धामी की….
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