देहरादून से अनीता तिवारी की रिपोर्ट –

Uttarakhand Dol Ashram बीते एक साल में ऐसे कई अवसर दिखाई दिए जहाँ सरकार हिंदुत्व के रथ पर सवार होकर हुंकार भरती नज़र आयी है। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने भाषणों और बयानों में हिंदुत्व और सनातनी संस्कृति को सबसे आगे रखते दिखाई दिए हैं। धर्मांतरण कानून के बाद अब भूमि कानून , मज़ारों पर कार्यवाही , मदरसों की जांच सहित कई ऐसे मामले हैं जो सीएम पुष्कर सिंह धामी को आक्रामक हिंदुत्व का नया उभरता फेस बना रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी जब डोल आश्रम पहुंचे तो उनके भाषण भी कुछ ऐसे ही इशारे दिखाई दिए हैं।
Uttarakhand Dol Ashram आध्यात्म का भव्य और दिव्य केन्द्र है डोल आश्रम – मुख्यमंत्री

Uttarakhand Dol Ashram श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर सीएम ने 1100 कन्याओं का पूजन करने के साथ ही नर-नारायण मूर्तियों का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने श्रीयंत्र में पूजा-अर्चना की और देश एवं प्रदेश की सुख समृद्वि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि परम पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने एक साधक के रूप में पॉच दशकों तक लगातार साधना की और सम्पूर्ण भारत वर्ष के अन्दर अनेकों ऐसे प्रकंल्प खड़े किये जिनके माध्यम से सामान्य घर में पैदा होने वाले, गरीब घर में पैदा होने वाले लोगों के उत्थान का कार्य, शिक्षा देने का कार्य, स्वास्थ्य सुविधा देने का कार्य, एवं उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य किया है।

Uttarakhand Dol Ashram मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम जहॉ एक ओर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, वहीं युवाओं को भारतीय संस्कृति के बारे में शिक्षित करने का महान कार्य भी इसके माध्यम से हो रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नये उत्तराखण्ड का संकल्प लेकर निरन्तरता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भी पॉचवें धाम के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है।

Uttarakhand Dol Ashram प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका सम्पूर्ण विश्व में लहरा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संस्कृति संरक्षण हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्व है, इसके लिए हमारी सरकार एक कठोर धमार्न्तरण का कानून लेकर आयी है। हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि भूमि अतिक्रमण को भी समाप्त किया जायेगा तथा समान नागरिक संहिता को लागू किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यहॉ पर 3 नये पार्किग स्थल विकसित किये जायेंगे तथा आश्रम में जो संस्कृत विद्यालय संचालित किया जा रहा है उसका महाविद्यालय बनाने के लिए या विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया जायेगा।
डीजीपी अशोक कुमार की पत्नी डॉ अलकनंदा कर रही शानदार काम https://shininguttarakhandnews.com/upwwa-great-works-alaknanda-ashok/

