Special Story By – Anita Ashish Tiwari , Dehardun


OM PARVAT पौराणिक समय से ही उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। जगह-जगह दिखाई देने वाले भांति-भांति के मंदिर, हरे-भरे पेड़ों से आच्छादित ऊंचे-ऊंचे पर्वत शिखर, गंगा- यमुना जैसी पवित्र नदियाँ तथा समय-समय पर प्रकाश में आने वाली विभिन्न गुफाएं इस बात को प्रमाणित भी करती हैं कि उत्तराखंड पुरातन काल से ही ऋषियों, तपस्वीयों तथा देवताओं की पावन भूमि रही हैं।

OM PARVAT कैसे हुई ॐ पर्वत की खोज ?
- वेद पुराण एवं रामायण, महाभारत जैसे न जाने कितने धार्मिक ग्रंथों में भी इस बात का प्रमाण मिलता है। प्राचीन पौराणिक ग्रंथों में कहा गया है की , पूरे विश्व में आठ स्थानों पर प्राकृतिक रूप से ॐ बना हुआ है , इनमे से अभी तक सिर्फ कैलाश मानसरोवर पर बने ॐ को ही ढूढ़ा जा सका है।

- OM PARVAT आज हम आपको हिमालय में बसे एक ऐसे पर्वत से रूबरू कराएंगे जिसमें प्राकृतिक रूप से ॐ बना हुआ हैं। भारत और नेपाल की सीमा में और 6191 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस बर्फीले पर्वत में ॐ को नग्न आंखों से भी देखा जा सकता है। पश्चिमी नेपाल के दरचुला जिले और उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित हिमालय पर्वतमाला में यह पर्वत आता है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान पड़ने वाले इस पर्वत को, ॐ की आकृति के कारण इसे ॐ (ओम) पर्वत के नाम से जाना जाता है।

- OM PARVAT ॐ पर्वत की खोज बड़े ही रोचक ढंग से हुई। जिसे पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे। ओम पर्वत की खोज 1981 में टीआरसी प्रबंधक विपिन पांडे के द्वारा हुई। उस समय विपिन पांडे 24 वर्ष के थे और कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे। नाभीढांग में विश्राम के दौरान जब वो टैंट में थे, तो सुबह के समय पूरा आसमान बादलों से घिरा हुआ था। लेकिन हैरानी की बात थी कि ऊं आकृति वाले इस पर्वत पर एक भी बादल नहीं थे। पौ फटते ही सूर्य की किरणें जैसे ही पर्वत पर पड़ी तो उस पर बना ॐशब्द चमक उठा। इसके बाद भी उन्हें इस पर्वत को नाम से खोजने के लिए बहुत शोध करने पड़े। तब जाकर कहीं यह पर्वत, ॐ पर्वत के नाम से विश्व मानचित्र पर उभरा।

- OM PARVAT कैलाश मानसरोवर के बाद है सबसे पवित्र एवं धार्मिक स्थलपश्चिम नेपाल के दरचुला जिले तथा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मध्य स्थित ॐ पर्वत को आदि कैलाश, छोटा कैलाश, बाबा कैलाश और जोंगलिंगकोंग आदि नामों से भी जाना जाता है। इस पर्वत पर ॐ भारत की ओर दिखाई देता है, जबकि इसका पृष्ठ भाग नेपाल की ओर पड़ता है। इस पर्वत में ॐ के दर्शन कैलाश मानसरोवर यात्री लिपुलेख दर्रे के शिविर से कर सकते हैं। सूर्य की पहली किरणें जब कैलाश पर्वत पर पड़ती हैं, तो यह पूर्ण रूप से सुनहरा हो जाता है। इतना ही नहीं, कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान आपको पर्वत पर बर्फ़ से बने साक्षात स्वर्णिम ‘ॐ’ के दर्शन हो जाते हैं।

- OM PARVAT ॐपर्वत को छोटा कैलाश तो इसके समीपवर्ती पार्वती सरोवर को मानसरोवर झील के समतुल्य माना जाता है। पार्वती सरोवर को गौरी कुण्ड के नाम से भी जाना जाता है, मान्यताओं के अनुसार यहां मां पार्वती स्नान करती थीं। इसलिए यहां की यात्रा पर आने वाली महिलाएं इस गौरी कुंड के पवित्र जल में स्नान कर अनेक कष्टों से मुक्ति पाती हैं। पुराणों में कहा गया है कि विश्व में आठ स्थानों पर प्राकृतिक रूप से ऊं बना हुआ है। जहां ॐ को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। धार्मिक महत्व के कारण कोई नहीं पा सका है फतह
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