Special Story By : Anita Tiwari , Dehradun

Covid 4th Wave XE दुनियाभर में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में बढ़त देखी जा रही है, जिसमें भारत भी शामिल है। ऐसे में हमें कोरोना वायरस से जुड़ी सावधानियों को भूलना नही चाहिए और इनका सख्ती से पालन करना जारी रखना चाहिए।

Covid 4th Wave XE डरना नहीं सावधान रहना है ज़रूरी
- महामारी की शुरुआत से ही एक्सपर्ट्स लोगों को इस वायरस से बचने के लिए मास्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाए रखने और हाथों की सफाई पर ज़ोर देने की सलाह दे रहे हैं।

- कोरोना वायरस ( Covid 4th Wave XE ) अभी भी दुनियाभर में इसलिए पनप रहा है क्योंकि मानव शरीर इसके लिए एक उपयुक्त जगह है। इस वायरस के खतरे को रोकने का एक ही तरीका है कि इसे फैलने से रोका जाए। अगर हम एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में वायरस के फैलने को रोक सकें, तो हमारे वातावरण में वायरस का भार कम होने की संभावना है।

- Covid-19 4th Wave XE देश में कोरोना के मामले फिर बढ़ रहे हैं। एम्स ऋषिकेश के सोशल आउटरीच सेल के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि ओमिक्रॉन का नया वैरिएंट एक्सई भी अब देश में दस्तक दे चुका है। यह ओमिक्रॉन का ही सबम्यूटेंट है। यही कारण है कि इसकी संक्रमण दर ओमिक्रॉन से दोगुनी है।

- Covid-19 4th Wave XE मई में उत्तराखंड में ओमिक्रॉन के वैरिएंट एक्सई के मामले तेजी से सामने आ सकते हैं। एक्सई वैरिएंट के संक्रमण की दर ओमिक्रॉन से दोगुनी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने जून से जुलाई के बीच संक्रमण के चरम काल में पहुंचने की आशंका जताई है। देश में कोरोना के मामले फिर बढ़ रहे हैं। एम्स ऋषिकेश सूत्रों ने बताया कि ओमिक्रॉन का नया वैरिएंट एक्सई भी अब देश में दस्तक दे चुका है। यह ओमिक्रॉन का ही सबम्यूटेंट है। यही कारण है कि इसकी संक्रमण दर ओमिक्रॉन से दोगुनी है।

- Covid 4th Wave XE इससे तय है कि देशभर में एक्सई वैरिएंट के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ेंगे। मई के पहले से दूसरे सप्ताह के बीच उत्तराखंड में एक्सई वैरिएंट के मामले सामने आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण की दर को देखते हुए जून से जुलाई के बीच इसके चरम पर पहुंचने की आशंका है। हालांकि, ओमिक्रॉन की तरह ही एक्सई वैरिएंट के गंभीर परिणाम सामने आने की संभावना बेहद कम है।

Covid 4th Wave XE टीकाकरण होने से लोगों में हर्ड इम्यूनिटी भी बनी
- Covid 4th Wave XE कोरोना वैक्सीन से संक्रमण के गंभीर लक्षणों से सुरक्षा मिलती है, लेकिन टीका लगने के बाद भी संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए मास्क पहनने, शारीरिक दूरी का पालन करने और हाथों को सैनिटाइज करने जैसे नियमों का पालन करना जरूरी है।
बच्चों का रखें विशेष ध्यान ——-

- Covid 4th Wave XE विदेशों में एक्सई वैरिएंट के जो संक्रमण के मामले सामने आए हैं उनमें 20 प्रतिशत संक्रमित बच्चे हैं। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए उनको मास्क पहनने, शारीरिक दूरी और सैनिटाइजेशन जैसे सुरक्षा नियमों को लेकर जागरूक करना बहुत जरूरी है। ये हैं एक्सई वैरिएंट के लक्षण
बुखार, गले में खराश, गले में दर्द, कफ, सर्दी, त्वचा में जलन, त्वचा का रंग बदलना, दस्त —-

- Covid 4th Wave XE बचाव के लिए आपको ये काम करना है –
- – मास्क लगाएं
- – भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें
- – बाहर से आने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं।
- – कार्यक्षेत्र में रहते हुए लगातार हाथों को सैनिटाइज करें।
- – निर्धारित आयुवर्ग और समय के अनुसार कोविड वैक्सीन की पहली दूसरी डोज और एहतियाती डोज लगवाएं।
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