Uttarakhand Rajya Sabha Seat जैसा कि देश की जनता जानती है कि भाजपा कब कौन सा फैसला लेकर चौंका दे कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकता है। ऐसा एक बार नहीं अकसर होता है जब दिल्ली आलाकमान टिकट देने , सीएम घोषित करने राज्यपाल और सांसद बनाने में सबसे अलग और हैरत भरे नाम सामने करती है। कुछ ऐसा ही एक बार फिर हो सकता है उत्तराखड में , जब राज्यसभा के लिए ऐसा चेहरा सामने आ जायेगा जिसकी किसी ने उम्मीद ही न की होगी।

Uttarakhand Rajya Sabha Seat भाजपा चौंकाते हुए बनाएगी सांसद – पैनल में त्रिवेंद्र , गहतोड़ी भी शामिल
- बीते चुनाव 2022 में सत्ता वापसी के साथ मुख्यमंत्री धामी ने अपनी पहचान न सिर्फ पार्टी आलाकमान के बीच बल्कि संगठन में भी मजबूत बनायीं है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सीएम धामी की पीठ थपथपा चुके हैं। ऐसे में प्रदेश की राजनीती में कुछ बड़ा उलटफेर करने में धामी कामयाब होते हैं तो राजनीती में इसको धाकड़ धामी का सिक्सर माना जाएगा। Uttarakhand Rajya Sabha Seat भाजपा उत्तराखंड में वैसे तो कुछ नाम सबसे आगे चल रहे हैं जिसमें पूर्व सीएम त्रिवेंद्र , भाजपा नेता विजय बहुगुणा , प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार और वरिष्ठ नेता ज्योति प्रसाद गैरोला के नाम शामिल बताये जा रहे हैं। लेकिन एक ऐसा भी नाम रेस में आ सकता है जो सबको सकते में डाल सकता है।

- Uttarakhand Rajya Sabha Seat अगर हाल में ही कांग्रेस छोड़ने वाले हरीश रावत के करीबी जोट सिंह बिष्ट के बयान को गंभीरता से लें तो हरीश रावत दूसरा रास्ता चुन सकते हैं और वो रास्ता भाजपा की तरफ ही जाता है , क्योंकि बीते दिनों हरदा और धामी की तस्वीर सबने देखी थी। इसके बाद हरदा के बयान को समझे तो उन्होंने सतपाल महाराज से मिलकर कहा था कि वो दवा लेने गए थे। यानी वो किस दर्द की तरफ इशारा कर रहे थे समझा जा सकता है। तो क्या कोई ऐसी डील लॉक हो गयी है जिसमें खांटी सियासी खिलाडी हरदा और युवा धाकड़ धामी में कुछ बड़ा होने वाला है। हांलाकि ये कयास है और राजनैतिक घटनाओं को जोड़कर बनाया गया एक समीकरण है। जो या तो हिट होगा या फ्लॉप , लेकिन राजनीती में कुछ भी , कभी भी संभव है , और ये उत्तराखंड के नेताओं से बेहतर कौन जान सकता है।

Uttarakhand Rajya Sabha Seat संसदीय बोर्ड ही करेगा प्रत्याशी का नाम तय
- Uttarakhand Rajya Sabha Seat कयासों के बाद उन नामों पर बात करते हैं जो पार्टी सूत्र से पता चल रहे हैं। चम्पावत से अपनी विधायकी छोड़ कर मुख्यमंत्री के सबसे करीब पहुँचने वाले पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी का नाम अब राज्यसभा के लिए प्रमुखता से दौड़ रहा है। पार्टी और संगठन भी यही चाहता है कि कार्यकर्ताओं में ये संदश जाए कि पार्टी के लिए पद त्यागने वालों को पार्टी आगे बढ़कर सम्मान और ओहदा देती है। इसके साथ साथ प्रदेश में 2024 के लिए भी पार्टी नेताओं , कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में एक मैसेज जायेगा कि पार्टी सबका ख्याल रखती है।

- Uttarakhand Rajya Sabha Seat हांलाकि बताया जा रहा है कि अचानक अपनी सीएम कुर्सी गंवाने वाले वरिष्ठ पार्टी नेता त्रिवेंद्र भी राज्यसभा सीट के मजबूत दावेदार हैं लेकिन फिर वही फार्मूला याद आता है जहाँ भाजपा हाईकमान कब किसको क्या बना दे कहा नहीं जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का मुख्यमंत्री के पद छोड़ने के बाद से संगठन में अभी तक कोई भूमिका तय नहीं हो सकी है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि उन्हें केंद्रीय संगठन में जगह मिल सकती है अगर उन्हें राज्यसभा न भेजा गया।

- Uttarakhand Rajya Sabha Seat संगठन स्तर पर राज्यसभा के प्रत्याशी चयन के लिए नामों का पैनल तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछेक दिन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के बीच मंत्रणा होगी, जिसमें पैनल में भेजे जाने वाले छह नाम तय किए जाएंगे। पैनल में तीन पुरुष और तीन महिला नेताओं के नाम शामिल किए जाएंगे जो राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं।

Uttarakhand Rajya Sabha Seat पूर्व विधायक गहतोड़ी का नाम भी हो सकता है पैनल में शामिल
- मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद से त्रिवेंद्र को अभी संगठन में कोई अहम जिम्मेदारी नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री धामी के लिए चंपावत सीट छोड़ने वाले पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी का नाम भी पैनल में शामिल हो सकता है। इस नाम की पैरवी मुख्यमंत्री की ओर से हो सकती है। तीसरा नाम संगठन से जुड़े नेताओं में से हो सकता है। इनमें प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार और वरिष्ठ नेता ज्योति प्रसाद गैरोला में से कोई एक नाम भी पैनल में शामिल हो सकता है। इनके अलावा पैनल में तीन महिलाओं के नाम भी शामिल किए जाएंगे।
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