देहरादून से अनीताआशीष तिवारी की रिपोर्ट –

Jyoti Rautela देशभर में जिस रफ्तार में दलबदल और पार्टी छोड़ने का सिलसिला चल रहा है उनमें सबसे ज्यादा तादात कांग्रेस के उन नेताओं की है जो वफादारी और निष्ठा की कसमें खाकर भाजपा की सरकार और नीतियों को कोसते थे। लेकिन आज हाल ए हक़ीक़त ये है कि उनके कदम उसी भाजपा की चौखट पर दाखिले की कतार में खड़े हैं। इनकी इसी फ़ितरत पर उत्तराखंड की एकमात्र महिला कांग्रेस लीडर और टीम राहुल की अहम सदस्य ज्योत रौतेला का शालीन दर्द उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में उभरा है। आपको इनके पहले की हूबहू उनकी पीड़ा बयां करता पोस्ट पढ़ाएं उसके पहले बता दें कि बड़े ही नाटकीय अंदाज़ में पहाड़ के खांटी कांग्रेसियों का दिल रातों रात कमलप्रेम के गीत गाने लगा है। इसमें वो कद्दावर नेता भी शामिल हैं जो अलग अलग वजहों से खासतौर पर बीजेपी सरकार में निशाने पर रहे हैं।
क्या हुआ भंडारी और रावत को जो वेगाने हो गए ?Jyoti Rautela

चलिए आपको अब प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला की वो पोस्ट पढ़ाते हैं जो बेहद संयमित और शिष्ट भाषा मे तीर जैसा वार करती महसूस होगी
सभी भाई बहनों को नमस्कार,
आज बहुत समय बाद आप सबके बीच अपनी भावनाएं साझा करना चाहती हूं, विगत कई दिनों से चल रही राजनीतिक उठापटक से आप सभी परिचित हैं। हमारे कांग्रेस पार्टी के कई साथी अन्य दूसरे दलों में चले गए हैं लेकिन जो साथी कांग्रेस में हैं आप सभी कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं, और इस राजनीति उथलपुथल से हम सभी को मिलकर लड़ना है एवं अपने संगठन की नीतियों और विचारधारा पर अपना विश्वास इसी प्रकार बनाये रखना है। मैं उन सभी साथियों को शुभकामनाएं देती हूँ, आप अपने व्यक्तिगत कारणों से हमारे संगठन से चले गए, क्योंकि कहीं न कहीं आप सभी को हम जानते थे एक साथ कार्य करते थे तो मैं आप सबके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगी, संगठन छोड़ना आपका व्यक्तिगत निर्णय है।

मैं उन सभी साथियों का हौंसला बढ़ाना चाहती हूं जो कांग्रेस पार्टी में हैं, आप सभी कांग्रेस पार्टी की नींव हैं। जब भी हम किसी विचारधारा पर विश्वास करते हैं तो हमें उस विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए भी डट कर खड़ा रहना होगा। जीवन में अच्छा बुरा दोनों समय आते जाते रहते हैं, बदलाव प्रकृति का नियम है। वर्तमान सरकार के इतने बड़े भ्रस्टाचार व घोटाले जिस प्रकार से दबाने व छुपाने के कार्य चल रहा है वो बेहद निंदनीय है। यह सब देखते हुए भी यदि लोग कांग्रेस छोड़कर जा रहे हैं तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे सही नहीं मानती हूँ। 2011 से मैं कांग्रेस में हूँ, 2012 में विधानसभा लड़ी, 2017 व 2022 में मौका नहीं मिल पाया। इतने वर्षों में मैंने कई राजनीतिक उतार चढ़ाव देखे लेकिन मैं आज भी पूरे मेहनत, लगन व निष्ठा के साथ संगठन में खड़ी हूँ। मेरा विश्वास है कि यह समय बदलेगा और हम फिर से सत्ता में आयेंगे। समय अच्छा हो या बुरा एक न एक दिन बदलता जरूर है।

हांलाकि ये भी नहीं है कि पार्टी में ये सिलसिला अभी थमता दिख रहा है। अंदरखाने सुगबुगाहट है कि कई और पंजे का साथ छोड़ कमल का दामन थाम सकते हैं। लेकिन ज्योति रौतेला ने पार्टी के मुश्किल वक़्त में साथ खड़े रहने का जो ज़ज़्बा दिखाया है वो उनके राजनैतिक भविष्य की नींव को मजबूती ज़रूर देगा।
ब्यूटी पार्लर में राम अवतार ! रूबी का चमत्कार https://shininguttarakhandnews.com/ramlala-murti/

