ED inquiry पूर्व वन मंत्री रहे हरक सिंह रावत से प्रवर्तन निर्देशालय (ईडी) ने 12 घंटे पूछताछ की। हरक सिंह सुबह 10:30 पर ईडी कार्यालय में दाखिल हुए जबकि दिनभर पूछताछ करने के देर रात 10:30 पर उन्हें छोड़ा गया। इस दौरान ईडी ने प्रकरण के संबंध में 50 सवाल पूछे। हरक है जीने रसूख की कहानियां पहाड़ों में सुनाई देती हैं कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा में मंत्री रहे , बड़े बड़े विभागों का ज़िम्मा सम्हाला लेकिन अब ईडी के चक्क्र काट रहे हैं। ईडी की देहरादून शाखा ने हरक सिंह रावत को 28 अगस्त को नोटिस जारी कर सोमवार को पेश होने को कहा था।
लम्बे समय से चल रहा जांच का मामला ED inquiry

कार्बेट सफारी प्रकरण में सीबीआई ने अक्टूबर 2023 में मुकदमा दर्ज किया, जबकि दिसंबर 2023 में ईडी ने मामले में संज्ञान लिया था। ईडी फरवरी 2024 में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत उनके करीबियों और कई वन अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है। आने वाले समय मे केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। अब फिर से कांग्रेस में शामिल हो चुके हरक सिंह रावत इस सीट से संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं। ऐसे समय में सीबीआई और ईडी की सक्रियता से हरक सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

क्या था कार्बेट में पेड़ कटान का मामला जानिये
आपको याद दिला दें कि पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के लिए पेड़ों के अवैध कटान का मामला तब सामने आया था, जब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने इस संबंध में मिली शिकायत की स्थलीय जांच की। साथ ही शिकायत को सही पाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई। इस प्रकरण की अब तक कई एजेंसियां जांच कर चुकी हैं। यह बात सामने आई है कि सफारी के लिए स्वीकृति से अधिक पेड़ों के कटान के साथ ही बड़े पैमाने पर बिना वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति के निर्माण कराए गए। सर्वोच्च न्यायालय की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने इस प्रकरण में तत्कालीन वन मंत्री हरक सिंह की भूमिका पर भी प्रश्न उठाते हुए उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया था। भारतीय वन सर्वेक्षण की सेटेलाइट जांच में यहां छह हजार से ज्यादा पेड़ों के कटान की बात सामने आई थी। मामले में दो आएफएस पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।

दिग्गज हरक सिंह ने देश मे आपातकाल की स्थिति बताई
ईडी ने लोकसभा चुनाव से पहले 7 फरवरी को हमारे घर पर छापा मारा था। इसके बाद मुझे 29 मार्च को बुलाया था। जैसे ही लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी घोषित हुए तो तब से बुलाना छोड़ दिया। ईडी के खिलाफ़ देश मे धरना प्रदर्शन किया गया। ईडी मुख्यालय के बाहर धरना देकर भाषण दिया तो केंद्र सरकार बैकफुट पर आई है। केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग हो रहा है। लोगों को जेल भेजा जा रहा है। जिन कानूनों के तहत आतंकवादियों व देशद्रोही को जेल भेजा जाना चाहिए, उन कानूनों के तहत आज विपक्ष के नेताओ को जेल भेजा जा रहा है। ऐसा माहौल देश में बन रहा है कि जैसे आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। पाखरो टाइगर सफारी बहुत अच्छा प्रोजेक्ट है ऐसे अच्छे प्रोजेक्ट के लिए कोई भी केंद्रीय एजेंसी मुझे जेल भेजना चाहे तो मैं जेल जाने को तैयार हूं। मैंने एक अच्छे उद्देश्य के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू किया। इससे कई लोगों को रोजगार मिलता।

