Special Report By : Anita Tiwari , Uttarakhand

Classroom in Bus 22 हिन्दुस्तान में बच्चों को पढ़ाई और स्कूल के प्रति आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के प्रयोग किये जाते हैं। स्कूलों में उनके क्लासरूम को इस तरह सजाया जाता है कि नौनिहालों को ये उनकी फेवरेट जगह बन जाती है। अभी तक आपने तरह-तरह के क्लासरूम देखे होंगे, लेकिन हम आपको एक ऐसे अनोखे क्लासरूम के बारे में बता रहे हैं जो मकान में नहीं बल्कि चलती फिरती बस में तैयार की गयी है। जी हाँ सही पढ़ा आपने रंग-बिरंगी पेन्टिंग्स से सजी क्लासरूम एक बस के अंदर अनोखा संसार बना रही है।
Classroom in Bus 22 बच्चों को स्कूल से जोड़ने का प्रयास

- Classroom in Bus 22 बस में बाहर से नीले और पीले रंग से आकर्षक पेन्टिंग्स बनाई गई है। इसके साथ ही इंटीरियर को भी खूबसूरत बनाने के लिए वाइब्रेंट कलर्स से पेंट किया गया है। क्लासरूम में बच्चों के बैठने के लिए छोटे-छोटे स्टूल व डेस्क हैं, साथ ही वुडेन जेब्रा भी रखे गए हैं, जो बच्चों को काफी पसंद भी आ रहे हैं। दरअसल, कोविड संक्रमण की बढ़ते दर को देखते हुए प्राइमेरी स्कूल्स दो साल से बंद थे।

Classroom in Bus 22 बच्चों को स्कूल से जोड़ने का प्रयास - Classroom in Bus 22 अब सरकार ने स्कूलों को खोलने का निर्देश दिया है तो बच्चों को एक बार फिर स्कूलों से जोड़ने के लिए तरह-तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। इस बस में बच्चों के पढ़ने के साथ ही उनके मनोरंजन का भी ख्याल रखा गया है। बस में ड्राइवर सीट व स्टीयरिंग नहीं हटाया गया है, ताकि बच्चे इस सीट पर बैठकर खेल सकें। केरल में हुआ ये नवाचार आज पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।ता रहे हैं, जो आपने पहले नहीं देखा होगा।

Classroom in Bus 22 बच्चों को स्कूल से जोड़ने का प्रयास - Classroom in Bus 22 केरल के तिरुवनंतपुरम के मनक्कड में सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के परिसर में स्थित स्कूल को केरल राज्य सड़क परिवहन निगम ने अपनी दो पुरानी लो फ्लोर बसें दान कर दी हैं। संस्थान ने इन दोनों बसों को बच्चों के क्लासरूम में बदल दिया है। इन क्लासरूम ऑन व्हील्स में छोटे-छोटे बच्चों के लिए रंग-बिरंगी डेस्क, टीवी और एसी भी लगा है।
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