Journalist Murder उत्तराखंड के सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी संदिग्ध हालात में जान गंवाने वाले दिवंगत पत्रकार राजीव प्रताप के निधन पर शोक संवेदना प्रकट करने उनके दीपनगर स्थित आवास पहुँचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। डीजी तिवारी ने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और हर तरह से सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार राजीव प्रताप के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
धामी ने पत्रकार राजीव के निधन पर शोक व्यक्त किया Journalist Murder

आपको यहाँ बता दें कि बीते दिनों मुख्यमंत्री ने परिजनों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट करते हुए घटना की गहन और निष्पक्ष जांच के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया है। उत्तरकाशी के पुलिस उपाधीक्षक की अध्यक्षता में गठित यह टीम हर पहलू से जांच करेगी और पूरी पारदर्शिता के साथ सच्चाई सामने लाएगी।

दिवंगत पत्रकार राजीव प्रताप के परिजनों से मिले डीजी बंशीधर तिवारी
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के स्थानीय पत्रकार राजीव प्रताप (36) का शव रविवार (28 सितंबर) को भगीरथी नदी के जोशियारा बैराज से बरामद किया गया. पत्रकार राजीव 18 सितंबर को लापता हुए थे.इस मामले में जहाँ परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना की संभावना जता रही है. राजीव प्रताप स्थानीय मुद्दों पर निर्भीक रिपोर्टिंग करने वाले एक युवा पत्रकार बताये गए हैं।

परिवार के आरोप – मिल रही थीं धमकियां
पुलिस के बयानों के अनुसार, प्रताप को आखिरी बार 18 सितंबर को लगभग रात 11:20 बजे एक बस स्टॉप के पास अपनी ऑल्टो कार में अकेला देखा गया था.अगली सुबह, 19 सितंबर को वही वाहन भगीरथी नदी के पास गैंगौरी के नज़दीक क्षत-विक्षत हालत में मिला. एसडीआरएफ और पुलिस ने वाहन निकाला; इस दौरान कार में एक चप्पल मिली.20 सितंबर को प्रताप के चाचा कृपाल सिंह ने उत्तरकाशी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 140(3) के तहत अपहरण व गलत तरीके से बंदी बनाने का आरोप शामिल है। पत्रकार राजीव प्रताप सिंह की मौत के मामले में पुलिस महानिदेशक ने पुनर्विवेचना के आदेश दिए हैंपुलिस अब मामले की गहनता से जांच करेगी।

सरकारी अस्पताल का हाल दिखाने वाले पत्रकार की हुई थी संदिग्ध मौत
28 सितंबर को जोशियारा बैराज से मिले शव को परिवार को दिखाया गया और परिवार ने उसकी शिनाख्त राजीव प्रताप के रूप में की. पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम कर दिया गया है। प्रताप की पत्नी मुस्कान ने कहा है कि उन्होंने घटना वाली रात करीब 11 बजे उनसे बात की थी; लेकिन इसके बाद बात नहीं हो पाई. उन्होंने बताया कि राजीव ने 16 सितंबर को अपने यूट्यूब चैनल ‘दिल्ली उत्तराखंड लाइव’ पर उत्तरकाशी जिला अस्पताल और एक स्कूल की रिपोर्ट अपलोड की थी, जिसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं थी। मीडिया जगत को हैरान कर देने वाली घटना के पीछे की वास्तविक सच्चाई का इंतज़ार परिजन ही नहीं पत्रकार समाज और आम आदमी भी कर रहा है।

