Navjot Siddhu पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सिद्धू ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करके राजनीति में कमबैक के स्पष्ट संकेत दिए।वीडियो में उन्होंने शायरी के जरिए विरोधियों को चेतावनी दी कि परिस्थितियां बदलते ही उनके लिए भी हालात कठिन हो सकते हैं। सिद्धू ने कहा- “आग लगाने वालों को क्या खबर, रुख हवाओं ने बदला तो खाक वो भी होंगे…उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे आने वाले चुनावों के लिए उनकी सक्रियता का संकेत माना जा रहा है।
अब बात रुतबे की है, चाल भी बड़ी और खेल भी खत्म।” Navjot Siddhu

2022 की हार के बाद से राजनीति से बनाई दूरी
2022 के चुनाव में हार के बाद सिद्धू पंजाब की राजनीति से लगभग दूर रहे। वह क्रिकेट कमेंट्री और टीवी शो के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में बने हुए हैं। हालांकि समय-समय पर प्रियंका गांधी से मुलाकात, पटियाला और अमृतसर में अपने समर्थकों से बातचीत करके वह कांग्रेस नेताओं को चौंकाते रहे हैं।वहीं, बीते दिनों उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर के 500 करोड़ के सीएम वाले बयानों पर पैदा हुए विवाद के बाद उन्होंने प्रियंका गांधी से मिलने का समय मांगा था, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली।

सीएम चेहरा न बनाए जाने से शुरू हुआ विवाद
2022 के विधानसभा चुनाव में सिद्धू कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा बनना चाहते थे, मगर पार्टी ने तत्कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को प्राथमिकता दी। सिद्धू इस फैसले से नाखुश हुए और पंजाब कांग्रेस के प्रधान रहते हुए भी चुनाव प्रचार से दूरी बनाए रखी।अमृतसर ईस्ट सीट से चुनाव लड़ने पर भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह सक्रिय राजनीति से दूर चले गए, हालांकि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी।

पहले कैप्टन, फिर चन्नी से टकराव
सिद्धू की राजनीतिक यात्रा लगातार विवादों से घिरी रही। 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कैप्टन द्वारा मंत्रालय बदलने पर सिद्धू ने कामकाज संभालने से इनकार कर दिया और फिर खुलकर बगावत कर दी। कैप्टन की विदाई के बाद जब चन्नी को सीएम बनाया गया, तब भी कुछ महीनों बाद सिद्धू ने डीजीपी और एडवोकेट जनरल की नियुक्ति सहित कई मुद्दों पर मोर्चा खोल दिया , डॉ. नवजोत कौर सिद्धू पहले ही कह चुकी हैं कि यदि कांग्रेस सिद्धू को सीएम चेहरा बनाएगी तो वह राजनीति में पूरी तरह वापसी करेंगे। हालांकि उनके विवादित बयानों के कारण कांग्रेस ने उन्हें सस्पेंड कर रखा है और वे भाजपा नेतृत्व से नजदीकियां बढ़ाती दिख रही हैं। सियासी गलियारे में कानाफूसी तेज हो रही है कि सिद्धू कांग्रेस में रहेंगे या कोई और विकल्प भी तैयार कर रहे हैं क्योंकि आगामी विधाम सभा चुनाव में उनकी महत्वकांक्षा सभी को मालूम है।

