Beauty Parlour Stroke मसाज पार्लर में ये सर्विस मत लेना !

Beauty Parlour Stroke सैलून जाकर बाल धुलवाने एवं मसाज कराने वाले लोगों को थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि हैदराबाद के एक ब्यूटी पार्लर में कुछ समय पहले  बाल धुलवाने गई पचास साल की एक महिला की जान जाते-जाते बची है। दरअसल, महिला अपने बाल कटवाने से पहले जब उसे धुलवा रही थी तो इसी दौरान उसे स्ट्रोक आया। इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि बाल धुलवाने के लिए महिला ने जब अपना गर्दन नीचे झुकाया तो उसी समय मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली नस दब गई और इस वजह उसे स्ट्रोक आया। इसे ‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम’ कहा जाता है


अक्सर लोग बॉडी रिलैक्स करने के हेड मसाज और हेड वाश कराते हैं , हांलाकि ये एक सामान्य सर्विस होती है लेकिन जिस तरह की खबर सामने आयी है उसके बाद थोड़ा एहतियात बरतने की ज़रूर ज़रूरत है। चक्कर आना, मितलाई और उलटी को स्ट्रोक के सामान्य लक्षण होते हैं। पार्लर गई महिला को ये सभी शिकायतें हुईं। 50 वर्षीया इस महिला ने बाद में गैस्ट्रो के एक डॉक्टर को दिखाया था। जांच में गैस की कोई समस्या नहीं मिलने पर महिला को न्यूरोलोजिस्ट के पास भेजा गया।

‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम’ के नाम से जाना जाता है Beauty Parlour Stroke

चिकित्सकीय भाषा में इस तरह की दिक्कत को ‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम’ नाम दिया गया है। पार्लर में स्ट्रोक आने की इस तरह की पहली घटना अमेरिका में साल 1993 में सामने आई थी। इसके बाद इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि SPA सैलून में गर्दन की मसाज कराने आने वाले पुरुषों में इस तरह की शिकायतें सामान्य रूप से देखने-सुनने को मिलती हैं।

 नस दबने के कारण आता है स्ट्रोक

कंसलटेंट न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है, ‘मसाज करने वाला व्यक्ति गर्दन एवं सिर को जब दबाव के साथ दबाता है तो इस तरह की दिक्कत आती है। इस तरह की परेशानी सैलून में गर्दन को झटके के साथ दोनों तरफ घुमाने के दौरान भी होती है। इस प्रक्रिया में रक्त ले जाने वाली नस जख्मी हो जाती है और फिर व्यक्ति को स्ट्रोक आता है। तो अगली बार आप भी अपने सेहत और सिम्टम्स के मुताबिक ही सर्विस लें तो बेहतर रहेगा।

ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम क्या है ?

इस बीमारी को “ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम” नाम दिया गया, जब 1993 में पहली बार अमेरिका में इसकी रिपोर्ट सामने आई। यह एक दुर्लभ स्थिति है जो धमनियों के पास गर्दन की किसी भी प्रक्रिया या छेड़छाड़ के दौरान हो सकती है।गर्दन में दो मुख्य धमनियां होती हैं, दो आगे और दो पीछे। पीछे की धमनियां, जिन्हें कशेरुका धमनियां कहा जाता है, ग्रीवा कशेरुका या गर्दन की हड्डी से होकर गुजरती हैं। गर्दन को अत्यधिक मोड़ने और लंबे समय तक ऐसा करने से इन धमनियों में दरार आ सकती है और रक्त का थक्का बन सकता है, जिससे मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति बाधित हो सकती है और स्ट्रोक हो सकता है। यह स्वस्थ व्यक्तियों में असामान्य है, लेकिन जिन लोगों की अस्थि संरचना में परिवर्तन होते हैं, उनकी गर्दन को अत्यधिक झुकी हुई स्थिति में रखने पर धमनी क्षतिग्रस्त हो सकती है।