Hanuman Chalisa For Health क्या आप मानेंगे कि दर्द और भय से ऑपरेशन थिएटर में भी कोई आस्था और अटूट विश्वास के साथ सर्जरी करवा सकता है ? साइंटिफिक स्टडी में ये बात साबित हो चुकी है कि हनुमान चालीसा पढ़ने से सेहत से जुड़े कई फायदे मिलते हैं. हाल ही में डॉक्टर ने महिला को बिना बेहोशी की दवा दिए ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी की है. महिला इस दौरान हनुमान चालीसा पढ़ रही थी.

पंजाब के जालंधर के पटेल अस्पताल के डॉक्टरों ने मुश्किल और रेयर दिमाग की सर्जरी कर नवांशहर की 42 साल की महिला मरीज की बोलने और समझने की शक्ति को बचाया. न्यूरो और स्पाइन सर्जन डॉ. मनबचन सिंह ने बताया कि मरीज के दिमाग में ट्यूमर था, जो उस हिस्से में था जिससे इंसान बोलता और भाषा समझता है. अगर इस जगह को थोड़ा भी नुकसान पहुंचता, तो मरीज हमेशा के लिए बोलने की शक्ति खो सकता था.
डॉक्टर ने निकाला ट्यूमर, हनुमान चालीसा पढ़ती रही महिला

मेडिकल जगत में ऐसे आए दिन कई रेयर सर्जरी होती रहती है, जिसमें एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से सफलता भी मिलती है. लेकिन जालंधर का ये मेडिकल केस अपने आप में अद्भूत और चमत्कार का जीता जागता सबूत है. इसका कारण है कि ये सर्जरी मरीज को बिना बेहोश किए किया गया है. पूरी सर्जरी में महिला हनुमान चालीसा का पाठ कर रही थी.
डॉ. मनबचन सिंह ने बताया कि अगर यह ऑपरेशन मरीज को पूरी तरह बेहोश करके किया जाता, तो सर्जरी के दौरान यह पता नहीं चल पाता कि मरीज ठीक से बोल पा रही है या नहीं. इससे बोलने की शक्ति जाने का खतरा बहुत ज्यादा था. इस खतरे को कम करने के लिए टीम ने अवेक ब्रेन सर्जरी की. इसमें मरीज ऑपरेशन के दौरान जागती रहती है और डॉक्टरों से बात करती रहती है. इससे डॉक्टरों को तुरंत पता चलता रहता है कि दिमाग सही काम कर रहा है या नहीं.

डॉ. ने आगे बताया कि ऑपरेशन सफल बनाने के लिए एनेस्थीसिया के डॉ. यासिर रजक और डॉ. सौरव भाटेजा ने सहयोग दिया. न्यूरोनेविगेशन सिस्टम की मदद से डॉक्टरों ने ट्यूमर की बिल्कुल सही जगह पहचानी. इससे बहुत छोटे कट के जरिए ट्यूमर निकाला गया और दिमाग के बाकी हिस्सों को नुकसान नहीं हुआ. सीयूएसए मशीन से ट्यूमर को धीरे-धीरे हटाया गया ताकि बोलने से जुड़ी नसें सुरक्षित रहें. आपरेशन के दौरान मरीज डॉक्टरों के सवालों के जवाब देती रही और उसने हनुमान चालीसा भी पढ़ी, जिससे डॉक्टरों को यकीन होता रहा कि उसकी बोलने की शक्ति सही है.
हनुमान चालीसा पढ़ने के फायदे
हनुमान चालीसा का पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, साथ ही भय नहीं लगता है. इसकी हर लाइन अपने आप में महामंत्र है, जो व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है, और मुश्किल समय में भी हारने नहीं देती. कई स्टडी में भी इसके सबूत मिले हैं. जो लोग रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं उनमें डिप्रेशन की शिकायत कम होती है, और वो दूसरों के मुकाबले ज्यादा बेहतर तरीके से कठिनाईयों का सामने करने में सक्षम होते हैं.

