Dehradun नागरिकों को उनकी जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि प्रशासन खुद लोगों के पास पहुंच कर उनकी शिकायतों का निस्तारण करे। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए दिसंबर से सरकार ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया। जिसके तहत शुक्रवार 20 फरवरी तक, लगातार 45 दिन, प्रदेशभर में शिविर आयोजित किए गए। इसी क्रम में शुक्रवार को अभियान सम्पन्न होने तक प्रदेश भर में कुल 681 कैंपों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भाग लेकर विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया, साथ ही अपनी समस्याएं भी दर्ज कराई।
5 लाख लोगों तक पहुंचा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान Dehradun
ये है सहसपुर की भाऊवाला का बहुउद्देशीय शिविर जहाँ प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से 567 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 45 दिन तक चला अभियान
शिविर में कृषि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान पर स्वर्णा जैविक बासमती उत्पादक संगठन को 4 लाख रुपये की धनराशि से 2 पावर वीडर, 2 आटा चक्की, 3 चेक कटर, 5 स्प्रे मशीन तथा 1 ब्रश कटर सहित विभिन्न कृषि यंत्र वितरित किए गए। बाल विकास विभाग ने 5 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 लाभार्थियों को किशोरी किट प्रदान की।

‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम के माध्यम से पात्र नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम रूप से पहुँचाने के साथ ही अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपनी कुशल प्रशासनिक कार्यशैली से जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया …..उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम आमजन के लिए काफी राहतकारी सिद्ध हुआ है। शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 110 शिकायतें प्रस्तुत की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया।

681 शिविरों के जरिए हुआ 33 हजार जन समस्याओं का समाधान
इस बहुउद्देशीय शिविर में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा, अपर सचिव रूचि मोहन रयाल, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, तहसीलदार विवेक राजौरी, खंड विकास अधिकारी मुन्नी शाह, सीईओ वीके ढौडियाल, सीएओ देवेन्द्र सिंह राणा, डीपीओ जितेन्द्र कुमार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

