Nvidia Air Taxi उड़ेंगी टैक्सी – लीजिये हवा में सफर का मज़ा

Nvidia Air Taxi न ट्रेफिक की टेंशन न देर से पहुँचने की समस्या ऊपर से रोमांच का एहसास अलग ….. जी हां आपके सफर को मजेदार बनाने के लिए जल्द आपको हवा में उड़ाएंगी एयर टैक्सी , भारतीय एयरोस्पेस स्टार्टअप द ईप्लान कंपनी ने अमेरिकी टेक दिग्गज Nvidia के साथ मिलकर भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी e200x बनाने की घोषणा की है। बता दें कि कंपनी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) विमान बनाती है। जानकारी के मुताबिक इस पार्टनरशिप के तहत दोनों कंपनियों के बीच सिर्फ जानकारी और तकनीक शेयर किए जाएंगे। इसमें कोई पैसों का लेन-देन नहीं होगा।

बनाई जाएगी डिजिटल ट्विन Nvidia Air Taxi 

बताया जा रहा है कि इस समझौते के तहत ePlane, Nvidia Omniverse लाइब्रेरी का इस्तेमाल करके e200x विमान का डिजिटल ट्विन (यानी वर्चुअल कॉपी) बनाएगी। इस वर्चुअल मॉडल के तहत उड़ान के नियम, ऑटोमैटिक सिस्टम, सेंसर का तालमेल और अलग-अलग मिशन की जांच की जाएगी, बता दें कि इसे असली दुनिया में टेस्ट करना महंगा और मुश्किल होता है।

Nvidia करेगी ये काम

Nvidia IGX कंपनी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल विमान के अंदर कंप्यूटिंग सिस्टम के जैसा काम करेगा, जहां जरूरी एप्लिकेशन चलाए जाएंगे, क्योंकि खराब मौसम, सेंसर फेल होना या टक्कर जैसी स्थितियों को समझ पाएगा। बता दें कि असली टेस्ट करना जोखिम भरा और महंगा होता है, इसलिए डिजिटल ट्विन के जरिए विमान को वर्चुअल दुनिया में लाखों किलोमीटर तक उड़ाया जा सकता है। इससे असली उड़ान से पहले जटिल हालात में सिस्टम को ट्रेन किया जा सकेगा।

पूरा सिस्टम तैयार कर रही कंपनी

ePlane के फाउंडर और चीन टेक्नीकल ऑफिसर सत्य चक्रवर्ती ने कहा कि यह पार्टनरशिप कंपनी के एयरोस्पेस सपनों को मजबूत बनाएगी, उन्होंने कहा कि वे सिर्फ एक विमान नहीं बना रहे, बल्कि एक पूरा सिस्टम तैयार कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि Nvidia के साथ काम करने से डिजिटल और असली दुनिया के बीच की दूरी कम हो रही है, चक्रवर्ती ने कहा कि सिमुलेशन में हजारों बार टेस्ट करके असली दुनिया में जोखिम कम किया जा सकता है।

प्रोटोटाइप तैयार, अब सर्टिफिकेशन की बारी

एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के प्रिंसिपल इंजीनियर (एवियोनिक्स सिस्टम और ऑटोनॉमी) बक्थकोलाहलन श्यामसुंदर ने बताया कि पहला प्रोटोटाइप तैयार हो चुका है, उन्होंने कहा कि कुछ महीनों में ग्राउंड टेस्टिंग शुरू की जाएगी। कंपनी दो और प्रोटोटाइप बनाएगी और विमान को DGCA से सर्टिफिकेशन के लिए पेश करेगी। चेन्नई में DGCA के कुछ सदस्य कंपनी के साथ काम कर रहे हैं। IIT Madras से जुड़ा यह स्टार्टअप ट्रैफिक से भरे शहरों में आवाजाही की समस्या को हल करना चाहता है। टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन पूरा होने के बाद कंपनी कई बड़े शहरों में जैसे बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई में अपना सेवा शुरू करना चाहता हैं।