अब सरकारी दफ्तर में बिना इजाज़त एंट्री बंद !

बीते दिनों देहरादून में विधायक समर्थकों और अधिकारी के बीच हुए हिंसक विवाद ने जमकर हंगामा काटा था जिसके बाद मामला मुख्यमंत्री दरबार तक भी पहुंचा था। इसी के बाद अब शासन ने बड़ा फैसला करते हुए एसओपी जारी कर दी है। उत्तराखंड सरकार ने राजकीय कार्यस्थलों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से जारी इस SOP के तहत अब सभी सरकारी कार्यालयों में प्रवेश, आगंतुक प्रबंधन, सुरक्षा जांच और बैठक व्यवस्था के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।

SOP के अनुसार सभी आगंतुकों को कार्यालय में प्रवेश से पहले स्वागत कक्ष में पंजीकरण कराना होगा और वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। अधिकारियों से मिलने के लिए पूर्व निर्धारित समय या टोकन के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा। बिना अपॉइंटमेंट आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश द्वार से ही वापस किया जा सकेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कार्यालय परिसर में किसी भी प्रकार का शोर-शराबा, नारेबाजी, अभद्र व्यवहार या सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट गंभीर दंडनीय अपराध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत तत्%E