Man Chokes To Death सावधान ! गले में फंसा रसगुल्ला, शख्स की मौत

Man Chokes To Death रसगुल्ला एक प्रसिद्ध मिठाई है, जिसे आम तौर पर लोग खूब खाते हैं। लेकिन रसगुल्ला गले में फंसने से किसी की जान चली जाए, ऐसा मामला वाकई कुछ अलग है और लोगों को परेशानी में डालता है। बच्चों से लेकर बूढ़े तक रसगुल्ला का सेवन करते हैं, लेकिन इस तरह अगर ये मिठाई गले में फंसने से मौत होने लगेगी तो लोग मिठाई खाने से भी कतराने लगेंगे।

झारखंड के जमशेदपुर से चौंकाने वाला खबर सामने आई. जहां एक शख्स की अजीबो-गरीब तरीके से मौत हो गई. वह मौज से शादी की दावत उड़ाने गया था, लेकिन काल के गाल में समा गया. शख्स भोज कर रहा था. इसी बीच उसने रसगुल्ला खाया. जोकि उसके गले नहीं उतरा और फंस गया. उसकी हालत देख आस-पास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. गले में फंसा रसगुल्ला निकालने के लिए काफी मशक्कत की गई. वह बहोश हो गया. जब हॉस्पिटल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

रसगुल्ला गले में जाकर सांस की नली में अटक गया Man Chokes To Death

घटना बेलाजुड़ी पंचायत स्थित मलियंता गांव में हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, 13 और 14 मार्च की दरमियानी रात ललित गांव के ही एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे. शादी में खाना खाने के दौरान उन्होंने गुलाब जामुन भी लिया था. बताया गया कि जैसे ही उन्होंने मिठाई खाई, वो उनके गले में अटक गया. उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी. आसपास मौजूद लोगों ने रसगुल्ला बाहर निकालने की कोशिश की, मगर इसी बीच ललित जमीन पर गिर पड़े.मौके पर मौजूद एक रिश्तेदार ने बताया, ‘उनका चेहरा पूरा पीला पड़ गया था. वो हांफ रहे थे.’ हालत गंभीर होती देख परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत नजदीकी एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

डॉक्टर्स के मुताबिक, मृतक के गले में खाना फंस जाने से सांस का रास्ता बंद हो गया था, जिस वजह से शरीर तक ऑक्सीजन पूरी तरह नहीं पहुंच पाई. रिपोर्ट के मुताबिक, एपिग्लॉटिस (टिश्यू का एक टुकड़ा) भोजन को श्वास नली (विंडपाइप) में जाने से रोकता है. जब हम खाना निगलते हैं, तो एपिग्लॉटिस श्वास नली के ऊपर मुड़ जाता है, जिससे खाना सांस की नली में जाने से बच जाता है. लेकिन कोई व्यक्ति सॉलिड या बड़ा फूड आइटम (रसगुल्ला, लड्डू या चावल का गोला) बहुत तेजी या पूरा का पूरा एक साथ निगलने की कोशिश करता है. तो वो गले की पिछले हिस्से में फंस सकता है, जो गंभीर होने पर जान लेवा भी साबित हो सकता है.