Kedarnath Viral Video केदारनाथ में मौत – फ़र्ज़ी वीडियो पर केस दर्ज

Kedarnath Viral Video सबसे पहले आपको बता दें कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते आपको किसी भी फर्जी , भ्रामक और संवेदनशील कंटेंट को सोशल मीडिया पर बढ़ावा न दें।

उत्तराखंड पुलिस की पैनी नजर ऐसे वीडियो पर है। अब खबर बताते हैं। चारधाम यात्रा के संबंध में भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में उत्तराखंड पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस क्रम में थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू है। सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक एवं अप्रमाणित सूचनाएं न केवल जनमानस में भ्रम उत्पन्न करती हैं, बल्कि यात्रा व्यवस्थाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं।

वायरल संदिग्ध वीडियो की जांच की जा रही Kedarnath Viral Video


उत्तराखंड पुलिस द्वारा यह भी बताया गया है कि चारधाम यात्रा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना का समय रहते संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अप्रमाणित अथवा भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

केदारनाथ धाम में हुई पुलिस का मानवीय पहल का दावा –

श्री केदारनाथ धाम उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है यहां पहुंच रहे श्रद्धालुओं को लंबा एवं चुनौतीपूर्ण पैदल मार्ग तय करने के साथ साथ उच्च हिमालयी मौसम से भी जूझना पड़ता है। जिसके लिए राज्य सरकार  द्वारा समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है,। 22. अप्रैल को धाम क्षेत्र में एक अपरिहार्य घटना में 69 वर्षीय श्रद्धालु (निवासी—जिला गोरवा, गुजरात) के निधन के संबंध में कुछ माध्यमों द्वारा भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं।

केदारनाथ में एक व्यक्ति अचेत अवस्था में मृत मिले

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि 22 अप्रैल को प्रातः 6:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि केदारनाथ में व्हाइट हाउस के समीप एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा सक्रियता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल राहत कार्य प्रारंभ किया गया। वाई0एम0एफ0 के जवानों द्वारा बिना समय गंवाए उक्त व्यक्ति को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, केदारनाथ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित किया। इसके बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए मृतक के सम्मानजनक प्रबंधन को प्राथमिकता दी। वाई0एम0एफ0 के सहयोग से पार्थिव शरीर को केदारनाथ हेलीपैड तक पहुंचाया गया। उस समय हैली सेवा अस्थायी रूप से बाधित थी। हैली सेवा सुचारु होते ही प्रशासन द्वारा तुरंत शव को हैली के माध्यम से जामू हेलीपैड भेजा गया, जहां से आगे की आवश्यक कार्यवाही हेतु शव वाहन के माध्यम से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया।


चारधाम यात्रा को लेकर भ्रामक सूचना पर सख्त कार्रवाई

आरोप है कि मृतक का शव करीब दो घंटे तक हेलीपैड पर चिलचिलाती धूप में पड़ा रहा. परिजन हेलीकॉप्टर से शव को नीचे भेजने की मांग करते रहे, लेकिन तत्काल कोई व्यवस्था नहीं की गई. परिजनों ने सवाल किया कि ‘अगर वीआईपी मूवमेंट के लिए हेलीकॉप्टर उपलब्ध हो सकता है, तो एक श्रद्धालु के शव के लिए क्यों नहीं ?’ मामले को लेकर रुद्रप्रयाग पुलिस का कहना है कि श्रद्धालु दिलीप भाई मनु माली की स्वास्थ्य खराब होने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदारनाथ में मौत हो गई. ऐसे में मृतक को हेली के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा जाना था, लेकिन आज केदारनाथ के लिए हेली सेवाओं की सुरक्षा के मद्देनजर डीजीसीए की ओर से निरीक्षण किया गया. जिससे देरी हुई. वर्तमान में शव को जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में रखा गया है. यहां आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. केदारनाथ के लिए डीजीसीए की ओर से निरीक्षण किए जाने के बाद ही हेली कंपनियों को उड़ान भरने की अनुमति दी जाती है.