Mla Umesh Kumar आखिरकार उत्तराखंड सरकार ने देर से ही सही लेकिन एक बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी को हटा दिया है। आपको बता दें कि लगभग 1 हफ्ते से यूके एसएससी के सचिव संतोष बडोनी के खिलाफ पूरे प्रदेश में हल्ला बोल शुरु हो चुका था जिसकी अगुवाई दबंग और धाकड़ निर्दलीय विधायक उमेश कुमार कर रहे थे ।
Mla Umesh Kumar संतोष बडोनी के अंगद पांव पर एमएलए उमेश का पंच

- Mla Umesh Kumar धामी सरकार पर सख्त कार्यवाही का दबाव बनाने के लिए खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार आंदोलन करने का एलान भी कर चुके थे। इसके पहले कि 15 अगस्त के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के दफ्तर पर बेरोजगारों और पीड़ित स्टूडेंट्स का हंगामा होता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी में देर शाम फैसला लेते हुए संतोष बडोनी को पद से हटा दिया है। स्थानीय जनता इसे विधायक उमेश कुमार और उनके लाखों समर्थक एक बड़ी जीत बता रहे हैं । हालांकि उत्तराखंड में ऐसा बहुत कम देखने को मिला है कि किसी बड़े अधिकारी पर आरोप लगे और वह इतनी जल्दी अपने पद से हटा दिया जाए।

- Mla Umesh Kumar ऐसे में दो बातें जनता कर रही है एक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता के साथ काम करने की स्टाइल और दूसरी विधायक उमेश कुमार की फ्रंट फुट पर ताबड़तोड़ खेली जा रही पारी देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कि इस सख्त कार्यवाही के बाद आयोग पर उठ सवालों पर किस हद तक विराम लगेगा। इन सब के बीच पीड़ित छात्रों का कहना है कि अगर सरकार सही निर्णय लेने में देर करे तो जनप्रतिनिधियों को इसी तरह से आक्रामक रवैया अपनाते हुए जनहित में सड़क पर उतरने का फैसला करना चाहिए जैसा कि निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने इस मामले में किया है।

- Mla Umesh Kumar अब छात्रों को लगता है कि अगर इसी तरह से जनता और पीड़ित लोगों की फरियाद पर जनप्रतिनिधि आक्रामक रवैया अपनाकर सरकार पर दबाव बनाएंगे तो हो सकता है भ्रष्ट और नाकारे अफसरों कि चूले हिल जाए और जनता के हितों में फैसले आने लगेगे।
हेलो नहीं वंदे मातरम बोलना होगा – सरकार का आदेशhttps://shininguttarakhandnews.com/vande-mataram-shinde-minister/

