SFT Uttarakhand उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सुपर कॉप माने जाने वाले एसएसपी अजय सिंह की लीडरशिप में एक बार फिर फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है. एसटीएफ ने काशीपुर से एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने एक ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस नंबर के आधार पर दो अलग-अलग फर्जी लाइसेंस तैयार कराकर दो हथियार खरीदे थे. इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है.एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान पलविन्दर सिंह (46 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय धर्म सिंह, निवासी ग्राम कचनालगाजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर के रूप में हुई है. आरोपी के कब्जे से एक अवैध हथियार, कारतूस तथा फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद किया गया है.
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह का सख्त एक्शन जारी SFT Uttarakhand

इसके पहले उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता मिली तब मिली थी जब उधम सिंह नगर के कुंडा क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, फर्जी शस्त्र लाइसेंस और कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए . एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह का दावा है कि फर्जी लाइसेंस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और जांच में सामने आने वाले प्रत्येक आरोपी को कानून के दायरे में लाया जाएगा.एमपी सिंह, एसटीएफ निरीक्षक ने कहा कि खुफिया सूचना के आधार पर काशीपुर क्षेत्र में सटीक और प्रभावी दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक ही फर्जी लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल करते हुए दो अलग-अलग कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तैयार कराए और उनके आधार पर दो हथियार खरीदे. यह खुलासा फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क की गहराई और व्यापकता को दर्शाता है.

एसटीएफ का कहना है कि इस पूरे प्रकरण की जांच के दौरान ऐसे कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि यह केवल उत्तराखण्ड तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं. इसी कारण यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर की जांच का विषय बनता जा रहा है. उत्तराखंड एसटीएफ लगातार अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध अभियान चला रही है. ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अब तक कुल 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही 19 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं.

एसटीएफ ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जिन लोगों के पास फर्जी शस्त्र लाइसेंस हैं, वे स्वयं अपने हथियार और लाइसेंस के साथ आत्मसमर्पण कर दें. यदि ऐसा नहीं किया गया तो एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और कानून का शिकंजा हर दोषी तक पहुंचेगा. एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि इस संगठित गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. जांच के दायरे को लगातार बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे तथा गिरफ्तारियां होने की संभावना है

